पछवादून और जौनसार बावर में शुक्रवार शाम को बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि के चलते टमाटर की पौध खेत में बिछ गई। वहीं, गेहूं की बालियां झड़ने से फसल को करीब पांच फीसदी के नुकसान की आशंका है। खेतों में खड़ी फसल देखकर अच्छा मुनाफा कमाने का अरमान पाले किसानों को झटका लगा है।
आम और लीची के पेड़ों पर लगे फलों पर भी बारिश और ओलावृष्टि का असर पड़ा है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आने वाले सप्ताह से गेहूं की फसल की कटाई करने की सलाह दी है। बारिश और करीब 10 मिनट की ओलावृष्टि से चकराता, साहिया, कालसी, विकासनगर और सहसपुर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है।
गुलफाम, शराफत, इलम, विक्की, तेग सिंह, जहीर, सुभाष, कुलदीप आदि किसानों ने बताया कि केदारावाला, अंबाड़ी, जीवनगढ़, भीमावाला, ढकरानी, बरोटीवाला, लांघा क्षेत्र में खेतों में गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। कई किसानों ने फसलों की कटाई शुरू कर दी है। बताया कि शुक्रवार को बारिश और ओलावृष्टि के चलते गेहूं की बालियां झड़ गईं।
कई किसान टमाटर की खेती भी करते हैं।टमाटर की पौध भी ओलावृष्टि के चलते बिछ गई। साहिया, कालसी, चकराता और त्यूणी क्षेत्र में भी कई स्थानों पर ओलावृष्टि से टमाटर की पौध गिर गई। जौनसार बावर में टमाटर प्रमुख नकदी फसल है। फसलों के नुकसान से खेती पर निर्भर काश्तकारों को झटका लगा है।
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सबसे अधिक नुकसान टमाटर की फसल को पहुंचा है। 40 से 50 दिन के पौधों की टहनियां टूट गईं। गेहूं की फसल को भी करीब पांच फीसदी का नुकसान पहुंचा है। अगले सप्ताह मौसम साफ रहेगा, लेकिन किसानों को अब गेहूं काट लेना चाहिए।
-डॉ. एके शर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के प्रमुख