जालसाजों ने राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की अधिग्रहित जमीन को अपना बताकर फौजी को बेच दिया। रजिस्ट्री कर 21 लाख रुपये भी ले लिए। इसके बाद उन्हें कब्जा भी दे दिया। कुछ दिन बाद एनएच के अधिकारियों ने इस जमीन को अपना बताकर कब्जा ले लिया। पता चलने पर फौजी ने पैसे मांगे तो धमकी दी गई। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, पम्तोड़ी, माला झूला, पिथौरागढ़ निवासी जगदीश सिंह दिल्ली में सेना में तैनात हैं। उन्होंने पिछले दिनों एसएसपी से शिकायत की थी। बताया था कि उनकी मुलाकात सुनील सिंह बिष्ट निवासी शांति विहार, कैनाल रोड और दलीप सिंह बिष्ट निवासी नारायण विहार कॉलोनी, सीतापुर, कोटद्वार से हुई। जमीन दिलीप बिष्ट की बताई गई। पीड़ित से डील होने पर आरोपियों ने 12 दिसंबर 2020 को 21 लाख रुपये में रजिस्ट्री कर दी। इसके बाद पीड़ित ड्यूटी पर चला गया। कुछ महीने बाद वापस लौटा और जमीन पर गया तो पता लगा कि उसे एनएच कब्जे में ले रहा है।
पता चला कि यह जमीन पहले से एनएच की थी। आरोपियों ने फर्जीवाड़े से उसे रजिस्ट्री की। जिस जमीन की रजिस्ट्री की गई, वह मौजूद ही नहीं है। पीड़ित ने आरोपियों से रकम वापस मांगी। उन्होंने रकम लौटाने के लिए एग्रीमेंट किया। फिर भी रकम वापस नहीं की। एसएचओ प्रेमनगर प्रदीप बिष्ट ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।