फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर संचालित करने वालों ने बाकायदा अनुभव भी विभागों से लिया था। कोविड काल में नगर निगम समेत अन्य विभागों ने अस्थायी कॉल सेंटर चलाए थे। इनमें से कई लोग इन अस्थायी कॉल सेंटरों को संचालित कर चुके हैं। एसटीएफ इस मामले की पुष्टि कर रही है।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर आरोपियों और वहां मौजूद कर्मचारियों से ही पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ को बताया कि इनमें से बहुत से लोग कोविड काल में अस्थायी कॉल सेंटर चला चुके हैं। कई विभागों ने अपने यहां पर अस्थायी कॉल सेंटर चलाए थे। इनमें लोगों को कोविड के बारे में जानकारी दी जा रही थी।
इसी अनुभव और बोलचाल के तरीके को उन्होंने इस गलत काम के लिए अपनाया है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस बात की तस्दीक के लिए विभागों से भी डाटा लिया जाएगा। बताया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के लिए टीम हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर ही है।
इस मामले में एक महिला समेत 14 लोगों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया था। इन सभी को न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इससे पहले 11 लोगों को केवल नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, लिहाजा उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया था।
उधर, सिंह ने बताया कि मामले में विदेशी एजेंटों का भी हाथ माना जा रहा है। भारी मात्रा में कैश का लेनदेन किया गया था। ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग का भी अंदेशा जताया जा रहा है। इसमें जांच के लिए अब ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय को भी पत्र लिखा गया है।