इन दिनों कुछ पत्रकार दलाल बन गए हैं। एमडीडीए उनका अड्डा बना हुआ है। नजूल से लेकर अवैध निर्माण तक के मामलों को कराने के लिए वे पूरे दिन एमडीडीए वीसी से लेकर सचिव तक के पास बैठे नजर आते है। उनका खबरों से कोई सरोकार नहीं होता।
एमडीडीए के अभियंताओं से उनकी जबर्दस्त सांठ गांठ है। शहर में कहां पर अवैध निर्माण हो रहा है। ये पत्रकार उसे सूंघते चलते है।
उसके बाद अभियंताओं को नोटिस जारी करने के लिए कहते हैं फिर फाइल कराने के लिए अधिकारियों के पास खुद ही पहुंच जाते हैं और इसके बदले खूब चढ़ावा लेते हैं।
ऐसे ही एक पत्रकार आजकल शहर के एक मिठाई वाले की फाइल लेकर एमडीडीए में चक्कर काटते नजर आ रहे हैं।