कोई कुछ भी कहे उत्तराखंड सरकार को टच थेरेपी आती है। अब उनके समर्थक भी दूर से ही अपनी मांग और शिकायत दर्ज कराते हैं ताकि पूरी हो जाए।
पास गए उन्होंने हाथ कंधे पर रखा तो शिकायत और गुस्सा सब काफूर। सरकार के साथ पुराने दिनों में दुपहिया वाहन में घूमने वाले उनके करीबी तो दावे के साथ कहते हैं अगर अपनी बात मनवानी हो तो दूरी बनाए रखना।
उन्होंने छुआ तो कुछ का कुछ हुआ। अभी हाल एक बड़े नेता जी लंबे रिहर्सल और लंबी फेहरिस्त के साथ मिलने पहुंचे थे बाहर निकले तो ‘सकारात्मक’ सोच के साथ।