बड़ी सरकार अपनी ही पार्टी के भोंपुओं से खासी नाराज है। सरकार की शिकायत है कि ये सिर्फ हूं-हूं करके रह जा रहे हैं।
इधर, भोपुंओं का अपना दुखड़ा है। इनका कहना है कि बड़ी सरकार के सामने सिर्फ यही दिखाया जाता है कि भोंपू कहां-कहां नहीं बोल पाया।
जहां भोंपू गला फाड़ कर चिल्लाते हैं, उस पर तो बड़ी सरकार की नजर ही नहीं जाती। बड़ी सरकार को उनके माइक्रोफोन और ईअर फोन ही घेरे रहते हैं। ऐसे में भोंपुओं की आवाज उन्हें सुनाई भी कहां देगी।