I-फ्लैट बनाने के नाम पर सात प्लॉट की हुई थी रजिस्ट्री बाद में पता चला सब फर्जी दस्तावेजI
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-पीड़ित की ओर से एसएसपी को की गई शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच
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Iगाजियाबाद के रियल एस्टेट कारोबारी ने देहरादून के कुछ कारोबारियों पर ठगी का आरोप लगाया है। आरोप है कि इन लोगों ने उनसे और उनके साथियों से करोड़ों रुपये की ठगी जमीन बेचने के नाम पर की है। पहले एक जगह सात प्लॉट के बैनामे किए। जब इस जमीन के कागजात फर्जी निकले तो दूसरी जगह जमीन देने का वादा किया। लेकिन, इस जमीन के कागजात और पॉवर ऑफ अटॉर्नी भी फर्जी पाई गई। मामले में करोड़ों रुपये कारोबारियों से ठग लिए गए। प्रकरण के संबंध में एसएसपी देहरादून को शिकायत की गई है।
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Iगाजियाबाद के वैशाली निवासी राजुल रस्तौगी ने एसएसपी को शिकायत की है। उनका कहना है कि वह अक्तूबर 2022 में देहरादून में एक व्यक्ति से मिले थे। उस वक्त एक जमीन पर फ्लैट बनाने के लिए प्लॉट बेचने की बात हुई। रस्तौगी ने अपने साथियों के साथ मिलकर डांडा नूरीवाला स्थित जमीन में निवेश किया और सात प्लॉट की रजिस्ट्री करा ली।
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Iराजुल रस्तौगी ने भी इसमें 25 लाख रुपये दिए। इसके बाद जब दाखिल खारिज की बात आई तो पता चला कि दाखिल खारिज नहीं हो सकता। इस पर दूसरे पक्ष ने कहा कि दाखिल खारिज रहने दो वे उन्हें इनके नक्शे पास कराकर दे देंगे। ऐसे में यह सीधे नगर निगम में चढ़ जाएगी।
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Iरस्तौगी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जांच की तो पता चला कि इस जमीन का मुख्तारेआम ही फर्जी है। यह जमीन किसी अनुसूचित जाती की महिला की है। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें धोरणखास में जमीन दिखाई और कहा कि इसका सौदा कर लो। रस्तौगी और उनके साथी तैयार हो गए।
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Iलेकिन, इस जमीन के बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि यह किसी कर्नल के नाम पर है और कर्नल के नाम के ही किसी व्यक्ति को फर्जी तरीके से खड़ा कर इस जमीन का मुख्तारेआम किया गया है। इसके बाद से वह अपने पैसे लगातार मांग रहे हैं। मगर, उन्हें पैसे नहीं दिए गए। अब एसएसपी को शिकायत कर जांच की मांग की गई है।I