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I- कूड़ा फेंकने के लिए नहीं है ट्रेंचिंग ग्राउंडI
ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में घरों से कूड़ा उठान और उसका निस्तारण नहीं हो रहा है। ग्राम पंचायतों को कूड़ा उठान के लिए ई-कूड़ा वाहन दिए गए थे, लेकिन ट्रेंचिंग ग्राउंड न होने के कारण ग्रामीण आसपास के खाली प्लांट और शक्ति नहर के किनारे कूड़ा फेंक रहे हैं। वहीं, नगरपालिका क्षेत्र में भी कूड़ा डाला जा रहा है।
स्वजल योजना के तहत वर्ष 2017 में विकासनगर ब्लॉक की 20 ग्राम पंचायतों को घरों से कूड़ा उठान के लिए ई-कूड़ा वाहन दिए गए थे। छह साल बीतने के बाद भी डाकपत्थर और जीवनगढ़ को छोड़कर ग्राम पंचायतों में न घरों से कूड़ा उठ रहा है, न ही ई-कूड़ा वाहन का संचालन किया जा रहा है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लग रहे हैं। ग्रामीण अपने घर का कूड़ा एकत्रित कर शक्तिनहर और नगर पालिका क्षेत्र में भी फेंक रहे हैं। मजबूरी में नगर पालिका विकासनगर को अपने संसाधनों से कूड़ा उठाना पड़ रहा है। ग्राम पंचायतों के पास ट्रेंचिंग ग्राउंड भी नहीं है।
Iपंचायत को कूड़ा वाहन तो दिया गया है, लेकिन कूड़े को फेंकने के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड नहीं है। इसके चलते घरों से कूड़े का उठान और छंटाई नहीं हो पा रही है।
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Iनरेंद्र तोमर, ग्राम प्रधान, बादामावाला
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Iकुछ दिन के लिए ई-कूड़ा वाहन चलाए गए थे। कूड़े को फेंकने के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड ही नहीं है। मजबूरी में कूड़ा वाहनों को घर पर ही खड़ा करना पड़ रहा है।
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Iसपना चौधरी, प्रधान, मेहूंवाला
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Iकूड़ा उठान तो शुरू कर देंगे, लेकिन उससे फेंकने कहां जाएंगे। पंचायत के पास जो भूमि है वह आबादी क्षेत्र में है। जहां लोग ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने पर आपत्ति जता रहे हैं।
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Iपूनम चौहान, ग्राम प्रधान, बुलाकीवाला
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Iसभी ग्राम प्रधानों को पचायतों में सफाई और कूड़ा उठान के लिए कहा गया है। ट्रेंचिग ग्राउंड के लिए भूमि तलाशी जा रही है। ग्राम पंचायतों से सूखे कूड़े जमा कर डाकपत्थर स्थित कॉम्पेक्टर में भेजा जा सकता है।
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Iकृपा राम जोशी, एडीओ पंचायत, विकासनगरI