बिंदाल नदी में कूड़ा डालने के मामले में मंगलवार को नगर निगम के दो सफाई निरीक्षक बिना रिपोर्ट के ही स्थायी लोक अदालत में पहुंच गए। उनसे पिछली सुनवाई की रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने को कहा गया था। ऐसे में अब कोर्ट ने इस मामले में 24 जून की तिथि मुकर्रर की है। इसमें नगर निगम के मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को भी उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
बता दें कि पिछले साल दिसंबर में अमर उजाला ने बिंदाल नदी में कूड़ा डालने संबंधी खबर प्रकाशित की थी। नगर निगम ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद इस मामले को अधिवक्ता शिवा वर्मा ने स्थायी लोक अदालत में उठाया था। पिछले साल 29 दिसंबर को स्थायी लोक अदालत ने नगर निगम के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में नगर निगम ने वहां पर सफाई अभियान चलाया और लोगों के चालान भी काटे। मगर, इसका कोई स्थायी हल नहीं निकाला जा सका था।
अब तक वहां की स्थिति जस की तस है। ऐसे में स्थायी लोक अदालत ने पिछली तारीख में नगर निगम के मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को तलब किया था। मगर, व्यस्तता के चलते वह उपस्थित नहीं हुए थे। उनके स्थान पर पहुंचे सफाई निरीक्षकों से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट 20 जून तक कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। अधिवक्ता शिवा वर्मा ने बताया कि मंगलवार को सफाई निरीक्षक राजेश बहुगुणा और विश्वनाथ चौहान से जब रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो वह बगले झांकने लगे। कोर्ट से उन्होंने और वक्त मांगा। इस पर कोर्ट ने उन्हें 24 जून को रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहने को कहा है।
इसके साथ ही नगर निगम ने कहा था कि बिंदाल में सिंचाई विभाग को पुश्ता बनाना है। लेकिन, वहां पर पुश्ते का निर्माण भी शुरू नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को नियत तिथि पर उपस्थित रहने के लिए नोटिस जारी किया है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भी इस तिथि पर आवश्यक रूप से उपस्थित रहने के निर्देश जारी हुए हैं।