तत्कालीन डीजीपी और पुलिस के अन्य आला अधिकारियों के नाम पर दो अधिवक्ताओं से 10 लाख रुपये हड़पने के दोषी संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के अध्यक्ष दौलत कुंवर और उसके बेटे शिवम की अपील को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने दोनों की सजा को बरकरार रखने का आदेश सुनाया है।
छह फरवरी 2023 को ढकरानी निवासी सतीश कुमार और संजय कटारिया ने विकासनगर कोतवाली में तहरीर दी थी। बताया था कि विकासनगर के केसरी विहार के वार्ड नंबर 11 निवासी दौलत कुंवर और उनके बेटे शिवम ने वर्ष 2021 में उनके खिलाफ प्रेमनगर थाने में दर्ज मुकदमे में जेल जाने का भय दिखाकर पुलिस अधिकारियों को रिश्वत देने के नाम पर उनसे 10 लाख हड़पे लिए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। तत्कालीन वरिष्ठ उपनिरीक्षक भुवनचंद पुजारी मामले की जांच कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया था। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मामले की सुनवाई हुई थी। न्यायालय ने पिता-पुत्र को मामले में दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी। न्यायालय के फैसले के खिलाफ दौलत कुंवर ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत में अपील की थी। अदालत ने अपील पर सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पूर्व में दिए गए निर्णय को सही करार देते हुए दौलत कुंवर व उनके बेटे शिवम की अपील खारिज कर दी। न्यायालय ने दोनों को शेष सजा हो पूरा करने के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए।