माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने गैरसैंण को राज्य की स्थाई राजधानी बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। राज्य आंदोलनकारी मंच के संयुक्त सचिव राकेश नौटियाल के आवास पर शनिवार देर शाम पौड़ी क्रांति की 26वीं वर्षगांठ पर बैठक आयोजित हुई। आंदोलनकारियों ने कहा की मुलायम सरकार के 27 फ़ीसदी आरक्षण के खिलाफ सभी महाविद्यालय के छात्र, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ व प्रबुद्ध लोग एकत्र हुए और आठ अगस्त 1994 को सरकार के खिलाफ लड़ाई शुरू की। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने जिला कार्यालय पौड़ी में आमरण अनशन पर बैठे स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी और साथियों को जबरन उठाने और आंदोलनकारियों पर रात में लाठीचार्ज करने के बाद आंदोलन उग्र हो गया। पौड़ी से शुरू हुई यह निर्णायक लड़ाई राज्य प्राप्त करने तक जारी रही। जगमोहन सिंह नेगी और प्रदीप कुकरेती ने कहा कि राज्य की स्थाई राजधानी गैरसैंण ही होनी चाहिए। राज्य में राजकीय सेवा और उद्योग धंधों में 70 फ़ीसदी स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता से रोजगार मिलना चाहिए। राज्य में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए लोकायुक्त कानून लागू करने और परिसीमन को भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर लागू करने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश महासचिव रामलाल खंडूरी, जगमोहन सिंह नेगी, राकेश नौटियाल, मनोज जयाडा, वीरेंद्र सकलानी आदि मौजूद रहे।