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पीएम मोदी की इस योजना पर ठगों ने जमाया कब्जा!

Tue, 19 Jul 2016 09:47 AM IST
गौरव मिश्रा/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • प्रधानमंत्री आवास योजना में ठगी के सौ से अधिक मामले नगर निगम में हुए दर्ज
  • फार्म से लेकर ऋण दिलाने तक में लूटा जा रहा है जरूरतमंदों को 
  • मेयर विनोद चमोली ठगी के मामलों की जांच का दिया आदेश 
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भवन - फोटो : Demo pic
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विस्तार
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को आशियाना देने की कवायद के बीच जरूरतमंदों से ठगी के सौ से अधिक मामले नगर निगम के प्रोजेक्ट सेल (पीआईयू) में दर्ज हुए हैं। स्थिति यह है कि जो फार्म निशुल्क मिलता है, उसे एक हजार से लेकर दो हजार तक में बेचा जा रहा है। साथ ही जमीन, मकान और ऋण दिलाने के नाम पर ठगी के मामले सामने आए हैं।
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इस संबंध में नगर निगम के प्रोजेक्ट सेल में लगातार शिकायतें दर्ज हो रही हैं। योजना में व्यापक गड़बड़ी से नगर निगम प्रशासन में अफरातफरी मची है। मेयर विनोद चमोली और नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने इस मामले में संबंधित अनुभाग व सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी को निर्देश जारी किए हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर दलाल, ठग, बिचौलिये सरकारी तंत्र पर हावी हो गए हैं। वे निम्न मध्यवर्गीय इलाकों के साथ ही तमाम नियमित व अनियमित मलिन बस्तियों में जा पहुंचे हैं। दलाल खुद को नगर निगम व सरकारी एजेंसियों का कार्मिक तक बता रहे हैं। गरीबों से पचास-पचास हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो बड़ी तादाद में जरूरतमंदों से मोटी रकम तक वसूली जा चुकी है। 
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ठग और दलाल जरूरतमंदों को रहे ठग

भवन
ठग और दलाल जरूरतमंदों को ठग रहे हैं। वे भारी कीमत पर फार्म बेच रहे हैं। इसके साथ ही जमीन, मकान व लोन दिलाने के नाम पर भी मोटी कमाई कर रहे हैं। तमाम पीड़ित लोग शिकायत लेकर हमारे पास पहुंच रहे हैं। पीड़ित लोग इस मुगालते में हैं कि एजेंट नगर निगम से जुड़े हैं। 
-रमेश सिंह चौहान, प्रोजेक्ट इंप्लेमेंटेशन यूनिट

प्रोजेक्ट सेल की लोगों को सलाह
-सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी देवर्षि एजुकेशन सोसायटी को ही फार्म बांटने का अधिकार है। 
-सर्वेक्षण का काम 31 जुलाई के बाद भी चलेगा। 
-फार्म में साफ तौर पर क्रमांक छपा है। 
-सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी से ही फार्म प्राप्त करें। 

इनका है कहना
कई स्तरों से शिकायतें मिल रही हैं। यह सही है कि योजना का दुरुपयोग करने के लिए कई असामाजिक व अपराधी किस्म के तत्व सक्रिय हो गए हैं। कई सफेदपोशों की भी सिंडीकेंट बन गया है। ऐसे लोगों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेरे स्तर से सर्वेक्षण एजेंसी फार्म भरने के स्थान में सावधानी बरतने को कहा है। फार्म घर घर में जाकर भरे जाएं। अगर एक ही स्थान में व्यापक स्तर पर फार्म भरने हों तो उसमें सामुदायिक स्थल का चयन किया जाए।
-विनोद चमोली, मेयर
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