सेंट जोसेफ अकादमी से साल 1973 में पास हुए पूर्व छात्रों के लिए एसजेए एलुमनी एसोसिएशन की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूर्व छात्रों ने कहा, 50 साल बाद स्कूल के मंच पर आकर सभा को संबोधित करने का मौका मिला है। यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। वहीं इस मौके पर ब्रदर जेसी कैरोल ने पूर्व छात्रों को न केवल पढ़ाया बल्कि 1973 के दिनों की याद भी दिलाई।
राजपुर रोड स्थित स्कूल के सभागार में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में सभी पूर्व छात्र स्कूल ब्लेजर में पहुंचे। स्कूल के अपने अनुभव साझा करते हुए पूर्व छात्र एनआर नारायण मूर्ति ने कहा, किसी संस्थान की चिंता उसके पूर्व छात्रों से अधिक किसी को नहीं होती। सालों बाद भी शिक्षकों और प्राचार्य की प्रशंसा और पुराने दिनों की यादें आज भी कई बार ताजा हो जाती है। इससे पहले पूर्व छात्रों ने देश के लिए शहीद हुए वीर योद्धाओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं, इस मौके पर संयुक्त राज्य अमेरिका में राजदूत, यूनाइटेड किंगडम में उच्चायुक्त और इजराइल में राजदूत के रूप में कार्य कर चुके नवतेज सरना ने अपने अनुभव साझा कर सबको भावुक कर दिया। तरुण सिंघल ने अपने व्यावहारिक दृष्टिकोण से सभी को मंत्रमुग्ध किया, जबकि दिग्विजय सिंह अपने भाषण से पूर्व छात्रों को स्कूल के दिनों की यात्रा पर ले गए।
दिनेश शर्मा ने कहा, बाधाओं के बावजूद पूर्व छात्रों ने स्कूल और देश का नाम रोशन करने का काम किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण चंडोक की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य ब्रदर जेयासीलन, शशि सिन्हा, डॉ. आलोक जैन, तारेश शर्मा, तुषार सिंघल, कामना बगई, कल्पना पांडे, मोहित राजवंशी ने अपने अनुभव साझा किए।