नए साल के जश्न में शिकार आदि की घटनाओं की रोकथाम के लिए वन विभाग चौकन्ना रहा। आसन वेटलैंड से लेकर कालसी और चकराता वन प्रभाग की विभिन्न रेंज में वन अधिकारी और कर्मचारी रातभर पहरा देते रहे। वन अधिकारियों ने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्रों में चलाया जा रहा सुरक्षा गश्त का विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राकृतिक सुंदरता वाला क्षेत्र माने जाने वाले पछवादून और जौनसार बावर में नए साल का जश्न मनाने बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस दौरान पक्षियों और संरक्षित वन क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए वनकर्मी कई दिनों से चौकन्ना हैं। क्षेत्र के कालसी और चकराता वन प्रभाग की विभिन्न रेंज के जंगलों में गश्त जारी है। बुधवार को कालसी वन प्रभाग की सहायक वन अधिकारी डाॅ. शिप्रा ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी-अधिकारियों के साथ लांघा रेंज में खुद ही मोर्चा संभाला। उन्होंने टीम के साथ रातभर रेंज की विभिन्न बीट में गश्त करके पर्यटकों की गतिविधियों पर नजर रखा। उधर, प्रवासी पक्षियों के लिए मशहूर आसन वेटलैंड झील में भी वन विभाग का कड़ा पहरा रहा। साइबेरिया समेत यूरोप के विभिन्न देशों और उच्च हिमालयी क्षेत्रों से प्रवास पर आए पक्षियों पर पैनी नजर रही। सहायक प्रभागीय वन अधिकारी डाॅ. शिप्रा और रिवर रेंज के रेंजर अनिल भट्ट ने बताया कि नए साल पर शिकार और जंगलों की सुरक्षा के लिए गश्त जारी रही। संरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश और शिकार आदि की घटना में शामिल होने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।