एसएसपी ने बताया कि नकल के लिए दीशांत, राहुल, संदीप, मुकेश युवकों से संपर्क करते थे। इसके बाद ये लोग चार लाख में नकल कराने का सौदा तय कर मुकेश सैनी के पास लेकर जाते थे। उन्होंने बताया कि राहुल आठवीं पास है। इन लोगों ने किन-किन युवकों से संपर्क किया था, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही जिन कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बने थे, उनकी भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
फर्जी आईडी पर मुकेश को सिम देने वाले चार गिरफ्तार
एसएसपी ने बताया कि मुकेश सैनी ने पुलिस से बचने के लिए नकली आईडी पर रुड़की से एक्टीवेट सिम खरीदे थे। रुड़की में विभिन्न कंपनियों के सड़क किनारे टेंट लगाकर सिम बेचने वाले अवनीश अहमद निवासी खंजरपुर, जियाउल रहमान निवासी ग्राम टांडा भनेड़ा, मंगलौर, साहिल निवासी सुनहरा रोड, रुड़की और रजत गोयल निवासी चावमंडी, रुड़की ने फर्जी आईडी पर एक सिम दो से 300 रुपये में बेचे थे। एसएसपी ने बताया कि चारों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
एसपी देहात एसके सिंह, मंगलौर कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान, एसएसआई अभिनव शर्मा, एसएसआई देवेंद्र सिंह रावत, एसआई मनोज नौटियाल, एसआई अशोक कुमार समेत प्रभाकर, दीपक नेगी और सीआईयू प्रभारी रविंद्र कुमार, देवेंद्र भारती, मोहम्मद जाकिर, सुरेश रमोला, अशोक, महिपाल, नितिन, रविंद्र खत्री। वहीं, पुलिस टीम को डीआईजी की ओर से पांच हजार और एसएसपी की ओर से ढाई हजार रुपये नकद ईनाम दिया गया है।
भाजपा सांसद के पूर्व प्रतिनिधि समेत तीन के घर दबिश
एसआईटी जांच में इस मामले में एक भाजपा सांसद के पूर्व प्रतिनिधि समेत तीन लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पौड़ी एसआईटी की टीम ने सांसद के पूर्व प्रतिनिधि के घर पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। इतना ही नहीं पुलिस ने दो अन्य लोगों के घर पर भी दबिश दी। ये लोग भी अपने-अपने घर से फरार थे। तीनों के नहीं मिलने पर एसआईटी की टीम वापस लौट गई। वहीं, मामले में भाजपा सांसद के पूर्व प्रतिनिधि का नाम सामने आने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।