ये विदेशी मेहमान पहुंचे थे प्रवास पर
इस साल आसन झील में सुर्खाब समेत कॉमन पोचार्ड, रेड क्रिस्टेड पोचार्ड, गेडवॉल, मलाड, फैरी ज्यूनस, हीरोशियन विजन, नार्दन सावलर, कामन कूट, टफटैड, नार्दन पिंटेल, ग्रैलैग गीज आदि प्रजाति के पक्षी पहुंचे थे।
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प्लाश फिश ईगल के जोड़ों ने नहीं की नेस्टिंग
इस साल भी प्लाश फिश ईगल के जोड़े ने आसन झील में नेस्टिंग और ब्रीडिंग नहीं की। अंतिम बार वर्ष 2015-16 में सेमल के पेड़ पर जोड़े ने घोंसला बनाकर ब्रीडिंग की थी। प्लाश फिश ईगल मध्य एशिया के देशों चीन, साइबेरिया, रुस आदि से मीलों का सफर तय कर आसन झील पहुंचता है। बीते साल भी जोड़े ने यहां दस्तक दी थी, लेकिन नेस्टिंग नहीं की।
डीएफओ चकराता वन प्रभाग मयंक शेखर झा ने कहा कि बीते साल करीब 4500 पक्षी प्रवास पर पहुंचे थे। इनकी संख्या बढ़ना यहां की जैव विविधता का परिचायक है, जो कि पर्यावरण के लिए अच्छे संकेत हैं।