जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र के मंदिरों में जागड़े के अंतिम दिन धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। देव परंपरा का निर्वहन करने करते हुए कारसेवक और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
महासू देवता मंदिर हनोल में प्रतिवर्ष भाद्रपद के शुक्ल पक्ष को हरतालिका तीज पर परंपरागत रूप से जागड़ा पर्व मनाने की परंपरा है। कोरोना महामारी के चलते दो बाद बाद जागड़े का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने रात भर नाच गान कर महासू देवता की स्तुति की। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। जौनसार-बावर, रंवाई-जौनपुर, हिमाचल के जुब्बल-कोटखाई, नेरवा-चौपाल समेत कई इलाकों से लोग जागड़े में शामिल होने पहुंचे।
देव परंपरा के अनुसार बुधवार को विधि विधान से कारसेवकों ने देवता को देव चिन्हों को शाही स्नान कराया। इसके बाद देव चिन्ह को मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित किया गया। भंडारे में महाविद्यालय के एनएसएस स्वयं सेवियों ने भी सहयोग किया। रात के भंडारा का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजय ने किया। मैंद्रथ स्थित श्री बाशिक महासू मंदिर में भी हजारों की संख्या में लोगों ने देव दर्शन किए। देव चिन्हों को कथियान हनोल बैंड के पास उस्सना पानी में स्नान कराकर गर्भ गृह में स्थापित किया गया। इस मौके पर उत्तराखंड जनजाति आयोग के अध्यक्ष मूरतराम शर्मा, विधायक दुर्गेश लाल, सचिव हरीशचंद्र सेमवाल, मंदिर समिति के अध्यक्ष व उप जिलाधिकारी सौरभ असवाल, सीओ विकासनगर संदीप नेगी आदि मौजूद रहे।
देव दर्शन करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु
समाल्टा गांव स्थित चालदा महासू महाराज दोपहर करीब एक बजे शाही स्नान के लिए मंदिर के गर्भ गृह से बाहर निकले। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज व क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह ने भी देव दर्शन किए। विशाल भंडारा का आयोजन किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे।
देवता के चिन्हों को गेहलानी नाम देव स्रोत पर स्नान कराया। करीब तीन घंटे बाद देवता व देवता के पद चिन्ह मंदिर में विराजमान कराए गए। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु देव दर्शन को पहुंचे। वहीं गबेला गांव स्थित महासू देवता व कुकुरसी महाराज की पालकी को सुबह 9 बजे देव दर्शन के लिए गर्भ गृह से बाहर निकाला गया। भंजरा पंचरा गांव स्थित महासू व चालदा देवता की पालकी व देव चिन्ह शाही स्नान के लिए निकाले गए। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष जवाहर सिंह, प्रताप सिंह, कांति राणा, तुलसी सिंह, अजब सिंह बिष्ट, चमन सिंह सहित आदि मौजूद रहे। संवाद
महासू देवता के जयकारों से गूंजा जौनसार बावर
घणता गांव में करीब 100 साल बाद देवता को शाही स्नान कराया गया। श्री चालदा महासू महाराज आजकल जौनसार के खत बनगांव के घणता गांव में विराजमान हैं और अगले दो साल तक यहीं विराजमान रहेंगे।
समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष अतर सिंह तोमर ने बताया कि 30 जून से महाराज घणता में विराजमान हैं और सौ साल बाद खत के लोगों को महाराज का शाही स्न्नान कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। देव पुजारियों और महाराज के कारिंदों द्वारा पूजा अर्चना कर जागड़ा पर्व संपन्न कराया गया। करीब 10 हजार लोग इस धार्मिक पल के गवाह बने। बिरमोऊ, टुंगरा, छोटोऊ, टगरी, सलगा, निथला आदि स्थानों में भी विधिवत जागड़ा पर्व संपन्न हुआ। संवाद