कनासर रेंज में बड़े पैमाने पर हुए अवैध पेड़ कटान के मामले में वन विभाग ने पहली गिरफ्तारी की है। विभाग ने मशक गांव निवासी सैन सिंह को विकासनगर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के घर से वन विभाग को संरक्षित प्रजाति के पेड़ों के 310 स्लीपर बरामद हुए थे। मामले में सैन सिंह समेत कुल 17 आरोपियों पर 21 मुकदमे दर्ज है।
जुलाई महीने के मध्य में चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज में देवदार और कैल के पेड़ों के अवैध कटान का मामला उजागर हुआ था। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल की शिकायत पर 18 जुलाई को वन मंत्री सुबोध उनियाल ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।
अगस्त महीने में वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए रेंज के आसपास के गावों के घरों, स्कूल भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों से संरक्षित प्रजाति के पेड़ों के चार हजार से अधिक स्लीपर बरामद किए थे। 26 अगस्त को वन विभाग ने मामले में 17 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया।
नोटिस जारी करने के बाद से कई आरोपी फरार चल रहे थे। आरोपियों के विकासनगर और हिमाचल के सीमांत क्षेत्रों में छिपे होने की सूचना भी थी। मुखबिर से मिली सूचना पर वन विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार सुबह चकराता ब्लॉक के मशक गांव निवासी सैन सिंह को विकासनगर से गिरफ्तार कर लिया।
वन संरक्षक यमुना वृत्त डॉ. विनय भार्गव ने बताया कि आरोपी नोटिस जारी करने के बाद भी विभाग को जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में संलिप्त किसी भी आरोपी, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।