दिवाली पर आग की घटनाएं रोकने के लिए फायर ब्रिगेड ने भी कमर कस ली है। धनतेरस से लेकर दिवाली की रात तक शहर में आठ जगहों पर फायर ब्रिगेड के वाहन तैनात किए जाएंगे। सभी फायर कर्मियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
संकरी गलियों और बाजारों के लिए मिनी वाटर टेंडर भी तैयार कर लिए गए हैं। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि फायर ब्रिगेड को सभी व्यापारियों के साथ गोष्ठी करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में फायर कर्मियों ने पटाखे वाले दुकानदारों को अग्निशमन यंत्र चलाने का प्रशिक्षण दिया है। साथ ही सभी दुकानों पर कम से कम 200 लीटर पानी की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। इसके अलावा शहर और बाजारों आग की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए ओएनजीसी, ऑर्डिनेंस आदि संस्थानों से भी सहयोग मांगा जाता है।
उन्हें भी सूचना दे दी गई है। फायर ब्रिगेड के बेड़े में शामिल वाहनों को शहर में आठ जगहों पर तैनात किया जाएगा। इनमें बड़े वाटर टेंडर, मिनी वाटर टेंडर और बैक पैक सेट (मोटरसाइकिल) शामिल हैं। भीड़भाड़ वाले और संकरे बाजारों में मोटरसाइकिल यूनिट को तैनात किया जाएगा। सभी फायर कर्मियों को अपने बचाव के उपकरण भी साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही थाना पुलिस को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यहां रहेगी तैनाती
दिलाराम बाजार-वाटर टेंडर, घंटाघर-वाटर टेंडर, प्रेमनगर-वाटर टेंडर, धर्मपुर-वाटर टेंडर, कोतवाली-मिनी वाटर टेंडर, सहस्रधारा क्रॉसिंग-वाटर टेंडर, सहारनपुर चौक-वाटर टेंडर, पीपल मंडी-बैक पैक सेट
अधिकतर वाटर हाईडेंट हैं खराब
शहर में अंग्रेजी शासनकाल से ही आपातकाल में गाड़ियों में पानी भरने के लिए वाटर हाईडेंट की व्यवस्था की गई थी। पूरे शहर में ऐसे तीन दर्जन से भी अधिक वाटर हाईडेंट मौजूद थे। हाईडेंट पेयजल लाइन में लगा विशेष वाल्व होता है। इससे वाटर टेंडर में पानी भरा जा सकता है, लेकिन मौजूदा समय में ऐसे केवल तीन ही वाटर हाईडेंट चालू हालत में हैं। ऐसे में जल संस्थान के ओवरहेड टैंकों से गाड़ियों में पानी भरा जाता है।
जल संस्थान से मांगे जल वाटर टैंकर
वाटर हाईडेंट खराब होने की दशा में फायर ब्रिगेड ने जल संस्थान को ओवरहेड टैंकों से जल लेने के लिए पत्र लिखे हैं। शहर में कई ओवरहेड टैंकों में पंपिंग मशीन लगाई गई हैं। साथ ही आपात स्थिति में वाटर टेंडर के साथ ही वाटर टैंकर खड़े करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए भी जल संस्थान से टैंकरों की व्यवस्था करने को कहा गया है। ऐसे 50 से ज्यादा वाटर टैंकरों को कई जगहों पर तैनात किया जाएगा।