सेलाकुई थाना क्षेत्र के बख्तावरपुर ग्रांट में सार्वजनिक मार्ग पर लोहे के गेट लगाकर करीब 200 परिवारों की आवाजाही बाधित करने और राजस्व टीम से अभद्रता के मामले में पुलिस ने दो महिलाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि महिलाओं ने सरकारी काम में बाधा डालते हुए टीम को झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी है।थाना प्रभारी लोकपाल परमार ने बताया कि बख्तावरपुर ग्रांट में राजस्व अभिलेखों में दर्ज एक पक्के डामर मार्ग पर स्थानीय निवासी विजया देवी और उमा देवी ने अलग-अलग जगह लोहे के गेट लगाकर उसे पूरी तरह बंद कर दिया था। इससे गांव के करीब 200 परिवारों को आवागमन के लिए एक किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग का चक्कर काटना पड़ रहा था। परेशान ग्रामीणों ने 14 अगस्त को क्षेत्र के दौरे पर आए मुख्यमंत्री से मिलकर रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई थी।मुख्यमंत्री के निर्देश पर तहसीलदार विवेक राजौरी ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को गेट हटाने के निर्देश दिए, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बुधवार को राजस्व उप निरीक्षक आकाश गौनियाल, संजय सैनी, राजस्व निरीक्षक झाझरा और पुलिस बल मौके पर पहुंचा।राजस्व टीम ने मौके पर भूमि की विधिवत पैमाइश की और महिलाओं से गेट हटाने का दोबारा अनुरोध किया। लेकिन महिलाओं ने इसका उग्र विरोध किया और टीम के साथ तीखी नोकझोंक करते हुए उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि राजस्व उप निरीक्षक आकाश गौनियाल की तहरीर पर आरोपी विजया देवी और उमा देवी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।