लगातार बढ़ता जा रहा जख्या का व्यावसायिक उपयोग
जख्या गेहूं के साथ बोई जाने वाली फसल है। पहाड़ के हर गांव में इसकी खेती होती है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के ब्लाक समन्वयक प्रशांत सूरी बताते हैं कि ब्लाक के 6 क्लस्टर करीब 18 से 25 किलो तक जख्या का विक्रय करते हैं। वहीं स्थानीय दुकानदार राजू भट्ट के अनुसार जख्या का व्यावसायिक उपयोग बढ़ता जा रहा है।
ये है जख्या की कीमत
जख्या बाजार में 150 से 160 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। यदि छोटे पैकेट लेंगे तो 15 से 30 रुपये प्रति 100 और 200 ग्राम के पैकेट भी मिल रहे हैं। प्रवासी और पर्यटक बड़ी मात्रा में जख्या ले जाते हैं।