कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से दिनदहाड़े किशोर के अपहरण का मामला फर्जी निकला। किशोर ने हॉस्टल न जाने के लिए स्वयं अपने अपहरण की फर्जी कहानी गढ़ी थी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और नाई के बयान से मामले का खुलासा हुआ। बृहस्पतिवार को कोतवाली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया था। बताया था कि उनका 13 वर्षीय बेटा घर से बिना बताए कहीं चला गया है। कुछ देर बाद किशोर घर लौट आया था। उसने परिजनों को बताया कि एक काले रंग की कार में आए चार अज्ञात लोग उसका अपहरण कर ले गए थे। वह उनसे किसी तरह से बचकर घर वापस पहुंंचा। बताया कि अपहरण करने वालों ने नए कपड़े दिलवाए और कटिंग भी करवाई। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने पर पुलिस का माथा ठनका। कोतवाली प्रभारी विनोद सिंह गुसाईं ने बताया क सूचना के बाद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच की। बताया किशोर स्वयं अलग-अलग वाहनों के चालकों से लिफ्ट मांगते हुए हिमाचल प्रदेश की पांवटा साहिब तहसील के मेहरूवाला गांव पहुंचा। यहां वह रास्ता भटक गया। उसके बाद उसने मेहरूवाला गांव निवासी सुरेंद्र से मदद मांगी। सुरेंद्र ने उसे सकुशल घर पहुंचाया। बताया किशोर ने अपनी माता के स्मार्टफोन पर यूपीआई एप का प्रयोग कर ऑनलाइन नए कपड़ोंं की खरीदारी की और दुकानों से भी सामान खरीदा। नाई ने बताया किशोर अकेले बाल कटवाने आया था। परिजनों की डांट से बचने के लिए उसने अपने अपहरण की कहानी बनाई।