12 श्रमिकों का मुजफ्फरनगर और मेरठ में इलाज
प्रबंधन ने आननफानन बिना किसी को सूचना दिए श्रमिकों को अपने वाहनों से मुजफ्फरनगर के मनोचा और मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती करा दिया। भर्ती किए गए श्रमिकों में से चार को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। 12 श्रमिकों का मुजफ्फरनगर और मेरठ में इलाज चल रहा है।
उधर, रात भर हादसे की किसी को भनक नहीं लगी। सुबह यूपी पुलिस ने रुड़की पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आननफानन सीओ बीएस चौहान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुभव त्यागी पुलिस टीम के साथ फैक्टरी पहुंची और हादसे की जानकारी ली। वहीं जांच के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने जांच की तो फैक्टरी के अंदर न ही अग्निशमन यंत्र मिले और न ही पानी का टैंक ही मौजूद था।
हादसे को लेकर एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने फैक्टरी सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए हैं। संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। इस बाबत आदेश जारी कर दिए गए हैं। घायलों और उनके परिजनों से भी हादसे की जानकारी ली जा रही है।
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बिना लाइसेंस चल रहे सौ से अधिक कबाड़ गोदाम
लोहा गलाने वाली फैक्टरियों में कच्चे माल का सबसे बड़ा स्रोत बिना लाइसेंस के मंगलौर क्षेत्र में चल रहे सौ से अधिक कबाड़ के गोदाम हैं। लाखों करोड़ों का यह पूरा कारोबार बिना किसी जांच और सुरक्षा के ही बदस्तूर जारी है। कई बार कबाड़ के गोदाम में लोहे की विस्फोटक चीजों से धमाके हो चुके हैं। जो आसपास की सुरक्षा के लिए खतरा बने हैं।मंगलौर के अलावाा लक्सर, भगवानपुर, झबरेड़ा समेत अन्य जगहों पर भी अवैध रूप से लोहे का कारोबार चल रहा है।