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रुड़की न्यूज: नारसन क्षेत्र के पास स्टील फैक्ट्री में हुआ तेज धमाका, मची अफरा-तफरी, 16 श्रमिक बुरी तरह झुलसे

Thu, 21 Sep 2023 03:24 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की

सार

रुड़की के पास एक फैक्ट्री में तेज धमाका होने से अफरा तफरी मच गई। करीब 16 कर्मचारी झुलस गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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फैक्ट्री में लगी आग - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मंगलौर स्थित एक स्टील फैक्टरी में बुधवार देर रात लोहा गलाने की भट्ठी में लोहा डालते समय अचानक तेज धमाका हो गया। इससे खौलता हुआ लावा श्रमिकों के ऊपर गिर और 16 श्रमिक बुरी तरह झुलस गए। फैक्टरी प्रबंधन ने बिना किसी को सूचना दिए सभी श्रमिकों को मुजफ्फरनगर और मेरठ के निजी अस्पतालों में भर्ती करा दिया।

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सुबह यूपी पुलिस कंट्रोल रूम ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई तो हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों, फोरेंसिक टीम और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के मुंडियाकी गांव के पास मैसर्स श्री एकन्या स्टील फैक्टरी है।

बुधवार रात करीब 12 बजे श्रमिक भट्ठी में लोहा डाल रहे थे। तभी तेज धमाके के साथ लावा और आग का गुबार ऊपर की ओर तेजी उठा और आसपास काम कर रहे श्रमिकों को चपेट में ले लिया। इससे 16 श्रमिक बुरी तरह झुलस गए। फैक्टरी में चीख-पुकार मच गई। लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। चीख पुकार सुनकर अधिकारी भट्ठी की तरफ दौड़े।
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12 श्रमिकों का मुजफ्फरनगर और मेरठ में इलाज 
प्रबंधन ने आननफानन बिना किसी को सूचना दिए श्रमिकों को अपने वाहनों से मुजफ्फरनगर के मनोचा और मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती करा दिया। भर्ती किए गए श्रमिकों में से चार को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। 12 श्रमिकों का मुजफ्फरनगर और मेरठ में इलाज चल रहा है।

उधर, रात भर हादसे की किसी को भनक नहीं लगी। सुबह यूपी पुलिस ने रुड़की पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आननफानन सीओ बीएस चौहान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुभव त्यागी पुलिस टीम के साथ फैक्टरी पहुंची और हादसे की जानकारी ली। वहीं जांच के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने जांच की तो फैक्टरी के अंदर न ही अग्निशमन यंत्र मिले और न ही पानी का टैंक ही मौजूद था।
हादसे को लेकर एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने फैक्टरी सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए हैं। संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। इस बाबत आदेश जारी कर दिए गए हैं। घायलों और उनके परिजनों से भी हादसे की जानकारी ली जा रही है।

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बिना लाइसेंस चल रहे सौ से अधिक कबाड़ गोदाम
लोहा गलाने वाली फैक्टरियों में कच्चे माल का सबसे बड़ा स्रोत बिना लाइसेंस के मंगलौर क्षेत्र में चल रहे सौ से अधिक कबाड़ के गोदाम हैं। लाखों करोड़ों का यह पूरा कारोबार बिना किसी जांच और सुरक्षा के ही बदस्तूर जारी है। कई बार कबाड़ के गोदाम में लोहे की विस्फोटक चीजों से धमाके हो चुके हैं। जो आसपास की सुरक्षा के लिए खतरा बने हैं।मंगलौर के अलावाा लक्सर, भगवानपुर, झबरेड़ा समेत अन्य जगहों पर भी अवैध रूप से लोहे का कारोबार चल रहा है।
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