चीन सीमा क्षेत्र के नीती घाटी में सेना चौकियों के साथ ही ग्राम पंचायत नीती, बांपा, गमशाली, मलारी, महरगांव, द्रोणागिरी, कागा, गरपक, जुम्मा, फरकिया, सुरांईथोटा, जेलम आदि गांवों को इससे लाभ होगा।
ट्रायल से आगे नहीं बढ़ पाई थी करोड़ों की परियोजना
उत्तराखंड जल विद्युत निगम ने साल 2009 में करोड़ों की लागत से जल विद्युत परियोजना जुम्मा का निर्माण कार्य शुरू किया था। 2013 में परियोजना कार्य पूर्ण हुआ, लेकिन 2013 की आपदा में परियोजना की नहर ट्रायल के समय ही क्षतिग्रस्त हो गई थी। टरबाइनें मलबे में दब गईं। इसके बाद इस परियोजना को उरेडा विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था।
जल विद्युत परियोजना जुम्मा का निर्माण कार्य लगभग 40 फीसदी हो चुका है। वर्ष 2021 के जून माह तक परियोजना बनकर तैयार हो जाएगी। इससे उत्पादित बिजली ग्रिड पर सप्लाई की जाएगी। परियोजना पर 6-6 सौ किलोवाट की दो टरबाइन कार्य करेंगी।
-विमल किशोर बमराड़ा, गढ़वाल प्रभारी, जल विद्युत परियोजना उरेडा