जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि केदारनाथ की तर्ज पर बदरीनाथ प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। मास्टर प्लान के कार्य संपन्न होने के बाद बदरीनाथ के संरक्षण का जिम्मा प्राधिकरण संभालेगा। शासन स्तर से इस संबंध में काम चल रहा है।
मास्टर प्लान पर 150 करोड़ हो गए खर्च
बदरीनाथ मास्टर प्लान के लिए 350 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं, जिनमें से 150 करोड़ खर्च हो गए हैं। बदरीनाथ में शेषनेत्र व बदरीश झील, लूप रोड और अराइवल प्लाजा तैयार हो गया है। अस्पताल भवन, रिवर फ्रंट, दो पुलों का निर्माण, तीर्थ पुरोहित आवास और बदरीनाथ मंदिर के 75 मीटर क्षेत्र में सौंदर्यीकरण कार्य जारी है।