सेलाकुई बाजार में दिनेश ज्वेलर्स में हुई चोरी की घटना को पुलिस भले ही बड़ी चोरी न बताकर अपनी जान बचा है, लेकिन वह यह भी मान रही है कि यह वारदात आम चोरों ने नहीं बल्कि प्रोफेशनल गैंग ने दी है। बुधवार को सेलाकुई बाजार में साप्ताहिक बंदी रहती है। अगर दुकान स्वामी फोन का चार्जर और बिल बुक लेने नहीं जाते तो बृहस्पतिवार को चोरी का पता चलता। ऐसे में चोरों को फरार होने के लिए काफी समय मिल जाता है।
ज्वेलर्स की दुकान में चोरी के पूरे घटनाक्रम पर गौर करें तो यह साफ है कि यह चोरी अचानक नहीं हुई है। चोर काफी दिनों से दुकान की रेकी कर रहे थे। उनको पता था कि किस समय दुकान स्वामी प्रतिष्ठान को बंद कर घर जाते है। यह भी पता था कि बाजार में कब सन्नाटा रहता है, पुलिस पिकेट और गश्ती दल कब आराम फरमातें है। यही नहीं, दुकान में सीसीटीवी कैमरों और उनके फाइबर कनेक्शन की भी चोरों को जानकारी थी।
दुकान का पूरा भवन दिनेश ज्वेलर्स के स्वामी मयंक सिंधी का है। दुकान के ऊपर एक ब्यूटी सैलून है। उसके ऊपर छत और मम्टी है। दुकान के दाहिनी ओर एक इलेक्ट्रीशियन की दुकान है। चोर सबसे पहले इलेक्ट्रीशियन की दुकान की छत पर चढ़े। उसके बाद रस्सी के सहारे गैस कटर, बड़े छोटे दो सिलिंडर, हथौड़ा, सब्बल के साथ पहले तल पर और फिर भवन की छत पर पहुंचे।
दुकान में घुसते ही चोरों ने सबसे पहले फाइबर कनेक्शन की तार काटी। उसके बाद सीसीटीवी कैमरों की तार काटकर डीवीआर अपने पास रख ली। चोरों ने डिस्पले कांउटर से चांदी के आभूषण निकाले। साथ ही डमी आर्टिफिशियल ज्वेलरी को भी समेटा। गैस कटर से लॉकर को तीन जगह से काटकर अंदर रखे सामान को निकाला। जब लॉकर खोलने की बारी आई तो लॉक अटक गया। चोरों ने दूसरे लॉकर को भी खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह असफल रहे। चोरों ने रेस्ट रूम में दराजों को खंगाला, पर उनको कुछ नहीं मिला। उसके बाद चोर आराम से आभूषण लेकर फरार हो गए।