कालसी ब्लॉक की बोहा ग्राम पंचायत के प्रधान के चाचा के बैंक खाते में मृत्यु के चार साल बाद भी मनरेगा और किसान सम्मान निधि की किस्त आ रही है। परिवारजनों के किसान क्रेडिट कार्ड बंद करने के आवेदन पर बैंक के संज्ञान में मामला आया। बीडीओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी को भुगतान की रिकवरी और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में बोहा ग्राम निवासी नाथू सिंह पुत्र परम सिंह की मृत्यु हो गई थी। उसके बाद भी उनके बैंक खाते में मनरेगा और किसान सम्मान निधि की किस्त पहुंचती रही। मृतक के खाते में पांच मनरेगा और चार किसान सम्मान निधि की किस्त आई हैं। करीब एक सप्ताह पहले मृतक का परिवार साहिया स्थित पंजाब नेशनल बैंक में उनका किसान क्रेडिट कार्ड बंद करवाने के लिए आवेदन करने गया था। बैंक ने जब जांच की तो पता चला कि खाता सक्रिय है। मृतक के बैंक खाते में मनरेगा और किसान सम्मान निधि की किस्त जमा हुई हैं। उसके बाद बैंक के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अब बैंक के अधिकारी असमंजस में हैं कि खाते में जमा धनराशि का क्या किया जाए। पीएनबी की साहिया शाखा के प्रबंधक विप्लव कुमार ने मृतक के खाते में मनरेगा और किसान सम्मान निधि जमा होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बैंक खाता बंद करवाने के लिए भी आवेदन नहीं किया गया था।
बीडीओ कालसी जगत सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। यह बड़ी अनियमितता है। ग्राम पंचायत सेक्रेटरी को भुगतान की रिकवरी और कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।