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शासन में फ़ाइल दफ्तरों में चक्कर काट रहे लोग, नहीं मिल रहा पीने का पानी

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- सात करोड़ रुपये का बना था कगम का एस्टीमेट, अभी शासन में ही घूम रही फ़ाइल - आमवाला तरला, एकता विहार, कृष्णा विहार में ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। लोगों को पेयजल मुहैया कराने सम्बंधी मुख्यमंत्री की घोषणा पर पांच साल बाद भी अमल नहीं किया जा सका है। योजना के लिए एस्टीमेट तो सात करोड़ रुपये का बन गया मगर फ़ाइल अभी शासन में ही चक्कर काट रही है।  इधर, पेयजल की उम्मीद बांधे लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उनसे कोई अधिकारी बजट का रोना रो देता है तो कोई अपने हद की बहार की बात बता टाल देता है।  मामला रायपुर क्षेत्र में एकता विहार, आमवला तरला आदि क्षेत्रों का है। यहां के लिए 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। घोषणा के अनुसार क्षेत्र में एक ट्यूबवेल और एक ओवरहैड टैंक के साथ साथ लोगों के घर तक पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। इसके लिए तत्काल ही शासन ने फ़ाइल को एस्टीमेट बनाने के लिए जल निगम को भेज दिया। अब जल निगम ने भी अपने करने का  काम किया और सात करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर तैयार कर दिया। फ़ाइल को कुछ दिन बाद शासन में अनुमति के लिए भेज दिया गया। मगर अब तक इस पर सहमति की मुहर नहीं लग सकी है।  ------ कृष्णा विहार के लोग ज्यादा परेशान क्षेत्र के पास ही कृष्ना विहार के लोग इस समय ज्यादा परेशान हैं। इस इलाके में करीब 50 घर हैं जिन्हें पेयजल मिलने में समस्या आ रही है। इसके लिए वे देहरादून में हर कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं। लोगों का कहना है कि वे अपनी इच्छा से पैसा देने को तैयार हैं। बस किसी तरह से उन्हें पाने उपलब्ध करा दिया जाए। ------ नहीं निकल रहा फौरी हल, बजट की कमी इस क्षेत्र को पानी मुहैया कराने के लिए मुख्य पाइपलाइन से जोड़े जाने का सुझाव भी दिया जा रहा है। मगर, इस काम के लिए अधिकारी बजट का रोना रो देते हैं। ----- हमने इसका एस्टीमेट बनाकर फ़ाइल शासन भेज दी थी। इस पर अभी वहां से कोई आदेश निर्देश नहीं आये हैं।- जीपी सिंह, ईई जल निगम
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