एमडीडीए उपाध्यक्ष के आय बढ़ाने के निर्देश के बाद किराया बढ़ाने की तैयारी
रैमकी कंपनी से एमडीडीए के स्वामित्व में आने के बाद भी आईएसबीटी लगातार घाटे से जूझ रहा है। पिछले 20 साल से यहां पर दुकानों और बसों से वसूल किए जाने वाले किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। अब एमडीडीए किराये में बढ़ोतरी करने जा रहा है। सबसे पहले बसों से लिए जाने वाले स्टॉपेज शुल्क को बढ़ाया जाएगा। देहरादून में अन्य राज्यों के आईएसबीटी की अपेक्षा एक तिहाई स्टॉपेज शुल्क लिया जा रहा है। इसे बढ़ाने के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बराबर किया जाएगा। इससे एमडीडीए की कमाई सीधे तौर पर दो से ढाई गुना बढ़ जाएगी। उधर, स्टॉपेज शुल्क बढ़ने का सीधा असर बसों के किराये पर भी पड़ेगा। परिवहन निगम का कहना है कि एमडीडीए परिवहन निगम के साथ सहमति बनाकर स्टॉपेज शुल्क बढ़ाए, ताकि यात्रियों पर भी ज्यादा बोझ न पड़े।
गौरतलब हो कि वर्ष 2003 में आईएसबीटी के संचालन का ठेका रैमकी कंपनी को दिया गया था। वर्ष 2023 के अंत में यह ठेका पूरा हो गया। इस समयावधि में कंपनी आईएसबीटी पर खर्च के सापेक्ष आय कम होने की बात कहती रही। अब इसका स्वामित्व व संचालन का जिम्मा एमडीडीए ने स्वयं संभाल लिया है। पिछले कुछ महीनों से एमडीडीए लगातार आईएसबीटी के आय और व्यय पर नजर रख रहा था। पड़ताल में यह सामने आया कि आईएसबीटी की सालाना आय होने वाले खर्च से कम है इसलिए एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने आईएसबीटी की आय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। आईएसबीटी पर सभी प्रकार की सुविधाओं के रेट बढ़ाए जाएंगे। दुकानों का किराया बढ़ाने से लेकर बसों का स्टॉपेज शुल्क बढ़ेगा।
सबसे पहले बढ़ेगा बसों का स्टॉपेज शुल्क
एमडीडीए ने बसों के स्टॉपेज शुल्क को बढ़ाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। एमडीडीए सूत्रों के अनुसार, अभी बस अड्डे पर बसों से 120 रुपये स्टॉपेज शुल्क लिया जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश में 350 रुपये और दिल्ली में यह रेट 550 रुपये है। हरिद्वार में भी बसों से लिया जाने वाला शुल्क देहरादून से अधिक है। हरिद्वार में 236 रुपये स्टॉपेज शुल्क है। यह बताया जा रहा है कि अब दून में भी स्टापेज शुल्क बढ़ाकर 200 रुपये के करीब करने की तैयारी है।
दो से तीन हजार रुपये दुकानों का किराया, अब होगी बढ़ोतरी
आईएसबीटी में 42 दुकानें हैं। इनका आवंटन रैमकी कंपनी के समय में किया गया था। इनका किराया तीन से चार हजार रुपये है। एमडीडीए की पड़ताल में सामने आया है कि इन दुकानों में से कई के स्वामियों ने अन्य लोगों को किराये पर दे रखा है। इनसे वह अधिक किराया ले रहे हैं। इसकी जांच एमडीडीए करा रहा है। जांच के बाद किराया बढ़ाया जाएगा। यह बताया जा रहा है कि मार्केट रेट का आकलन किया जा रहा है। इसके अनुरूप ही नया किराया तय किया जाएगा।
सूरत बदलने के लिए खर्च करना बड़ा बजट
आईएसबीटी की सूरत बदलने का काम किया जा रहा है। इस पर बड़ा बजट भी खर्च हो रहा है। आईएसबीटी पर खर्च होने वाले बजट के सापेक्ष आय नहीं होने से एमडीडीए की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। इसलिए एमडीडीए बस अड्डे की आय को बढ़ाने की कवायद शुरू कर रहा है।
नए अंदाज में नजर आएगा दून का आईएसबीटी
दून का आईएसबीटी जल्द नए अंदाज में नजर आएगा। यहां आने वाले यात्रियों को उत्तराखंड की संस्कृति की झलक बस अड्डे से ही देखने को मिलेगी। यहां पर तमाम यात्री सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी आईएसबीटी का निरीक्षण करने के बाद एमडीडीए के अधिकारियों को बस अड्डे के सौंदर्यीकरण पर काम करने के निर्देश दे चुके हैं। एमडीडीए प्रोजेक्ट बनाकर इस पर काम भी कर रहा है। आईएसबीटी का फ्रंट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। आईएसबीटी में थीम बेस पेंटिंग की गई है। लाइटिंग की व्यवस्था बढ़ाई गई है। आईएसबीटी को सजाने और संवारने के लिए प्राधिकरण का उद्यान विभाग काम कर रहा है। यहां नए शौचालय बनाकर सड़क को दुरुस्त किया गया है।
दून आईएसबीटी की कमाई को बढ़ाने के लिए कवायद की जा रही है। दुकानों के रेट से लेकर बसों से लिए जाने वाले स्टॉपेज शुल्क को बढ़ाने पर काम चल रहा है। संबंधित पक्षों से वार्ता के बाद नए रेट तय किए जाएंगे। - बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए