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Dehradun News: कर्मचारियों ने काम ठप कर नगर निगम में जड़े ताले, वार्ता से भी किया इन्कार

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उत्पीड़न और भेदभाव का आरोप लगाते हुए सफाई कर्मचारियों के साथ ही नगर निगम के अन्य कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा। कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर निगम के सभी अनुभागों में ताले जड़ दिए। मेयर और नगर आयुक्त ने वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन कर्मचारियों ने इन्कार कर दिया। इससे प्रमाणपत्र बनवाने, टैक्स जमा करने आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
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सोमवार को अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय में सभी अनुभागों में ताले जड़ दिए और धरने पर बैठ गए। वहीं, प्रमाण पत्र बनवाने, टैक्स जमा करने सहित विभिन्न कामों के लिए निगम पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। इससे सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज से आए लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, कर्मचारी नगर आयुक्त को इंतजार करते रहे, लेकिन शासन में बैठक में जाने के कारण वह दोपहर को निगम पहुंचे।
मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त मनुज गोयल ने वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन कर्मचारियों ने इन्कार कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि वह इस संबंध में मंगलवार को वार्ता करेंगे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नगर आयुक्त पर हिटलरशाही का आरोप लगाया। कहा कि निगम में वार्डों की संख्या बढ़ गई है, जबकि कर्मचारियों की संख्या लगातार कम हो रही है। कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव बनाया जा रहा है। इससे कई कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं।
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चेतावनी दी कि तीन दिन में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार, महामंत्री धीरज भारती, ओमप्रकाश, संजय काला, राजेश राजेश, श्याम, कमल, अरविंद सहित सफाई और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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यह मांगें उठाईं
- सफाई नायकों के पद पर कार्यरत कार्यवाहक सफाई नायकों का वरिष्ठता के आधार पर समायोजन।
- मृतक पर्यावरण मित्र, सामान्य कर्मचारियों के आश्रितों की जल्द नियुक्ति और भेदभाव को दूर किया जाए।
- कर्मचारियों के भुगतान में जानबूझकर देर न की जाए, अकारण वेतन न रोका जाए।
- समान कार्य का समान वेतन दिया जाए।
- महिला कर्मचारियों को हाजिरी समय में एक घंटे की अतिरिक्त छूट दी जाए।
- स्थायी कर्मचारियों की भांति पार्षद स्वच्छता समिति के कर्मचारियों के मस्ट्रोल भी चेक किए जाएं।
- पांच सौ पुरुषों की संविदा में भर्ती की जाए और अन्य राज्यों की भांति एक पारी में ड्यूटी कराई जाए।
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