न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सरकारी धनराशि के गबन के दोषी सिविल जज (जूनियर डिवीजन) गैरसैंण के कार्यालय में कार्यरत रीडर को छह साल के कठोर कारावास और 17 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला 24 अगस्त वर्ष 2014 का है। जिला जज कोर्ट में कार्यरत नाजर शंभू प्रसाद पुरोहित ने कर्णप्रयाग थाने में दी गई तहरीर में कहा था कि सिविल जज (जूनियर डिवीजन) गैरसैंण की ओर से वर्ष 2014 में मई से जुलाई माह तक विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में अर्थदंड के रूप में 12 हजार एक सौ रुपये वसूल किए थे।
यह धनराशि सिविल जज गैरसैंण के कार्यालय रीडर दीपराज भारती की ओर से कोषागार में जमा की जानी थी, लेकिन उनके द्वारा यह धनराशि जमा नहीं की गई। थाना पुलिस ने विवेचना के बाद मामला न्यायालय में पेश किया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्ष यादव की अदालत ने मंगलवार को मामले में दीपराज भारती को दोषी मानते हुए विभिन्न धाराओं में छह साल के कठोर कारावास और 17 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी सीमा भेतवाल और बचाव पक्ष की ओर से अभिवक्ता ज्ञानेंद्र खंतवाल और एमएम मिश्रा ने पैरवी की।