शेरवानी पहनकर कभी सूबे की तकदीर बदलने का दावा करते थे जनाब, अब अपने टिकट के लिए दूसरों को दुहाई दे रहे हैं।
मैं सूबे की सियासत में व्यस्त रहना चाहता हूं...
कभी कहते थे कि मुझे इस चुनाव में दिलचस्पी नहीं है, मैं सूबे की सियासत में व्यस्त रहना चाहता हूं। लेकिन अब जोर, जोश और आक्रोश सभी कुछ दिखा रहे हैं।
कहते हैं मेरे साथ नाइंसाफी ही नहीं बल्कि ज्यादती हो जाएगी। पूछा गया ज्यादती कैसे होगी, सबको टिकट तो मिल नहीं सकते। जनाब बोले लोग मुझे बदनाम कर रहे है, यदि टिकट ना मिला तो विरोधी दल में बदनामी होगी।