प्रदेश की सबसे बड़ी बार एसोसिएशन में चुनावी बिसात बिछने लगी है। इस बार भी अधिवक्ता नेताओं में से कुछ नए पुराने चुनिंदा चेहरे ही किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहे हैं। वर्तमान अध्यक्ष अनिल शर्मा भी अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि को लेकर मैदान में उतरेंगे। इस बार उनके नाम पुरानी जेल परिसर में अधिवक्ताओं के चेंबर के लिए भूमि मुहैया कराने की उपलब्धि है। पिछली बार किन्हीं कारणों से किस्मत आजमाने से चूके बार के एक बड़े नेता इस बार ताल ठोकने के पूरे मूड में नजर आ रहे हैं।
बार एसोसिएशन के 11 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए चुनाव फरवरी के अंत में होने हैं। इसके लिए जल्द ही चुनाव कार्यक्रम भी जारी होने वाला है। बार में चुनावी रंग फिलहाल सोशल मीडिया पर नजर आने लगा है। संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने मतदाता अधिवक्ताओं से संपर्क शुरू कर दिया है। मुद्दे इस बार भी पहले जैसे ही हैं। इनमें बार बेंच में समन्वय, अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बीमा आदि शामिल हैं। जबकि, लंबे समय से चली आ रही अधिवक्ताओं के चेंबर की मांग इस बार पूरी होने वाली है। पिछले दिनों कैबिनेट ने पुरानी जेल में पांच बीघा जमीन को लीज पर देने का निर्णय लिया है।
अब वर्तमान कार्यकारिणी इस फैसले को भुना पाएगी या नहीं इस बात का फैसला तो फरवरी के अंत में ही होना है। मगर, अधिवक्ताओं के कई खेमे पूरे जोर शोर से चुनाव की तैयारियों में लग गए हैं। पुराने मुद्दों में से अब भी कई ऐसे हैं जिन्हें लंबे समय से पूरा नहीं किया जा सका है। कुछ साल पहले पूर्व अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल के प्रयास से मौजूदा कचहरी में सैकड़ों चेंबर बनाए गए थे। इनमें ज्यादातर का निर्माण पूरा किया जा चुका है जबकि बहुत से अब भी बनने से बाकी हैं। बताया जा रहा है कि करीब चार हजार अधिवक्ता इस बार मतदान करेंगे। इसके लिए मतदाताओं की सूची भी जल्द ही प्रकाशित की जाएगी।