देहरादून के एक बड़े कॉलेज में इन दिनों शिक्षक संघ चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
हर किसी की नजर कुर्सी पर
आते-जाते शिक्षकों के बीच पढ़ाने से इतर चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चली हैं। कई साल बाद चुनाव होने वाला है, इसलिए हर किसी की नजर कुर्सी पर टिकी है।
एक शिक्षक ने अध्यक्ष के लिए अपना दावा पेश किया तो दूसरा शिक्षक अड़ बैठा। देखते ही देखते दोनों के बीच तनातनी शुरू हो गई।
ढीले आदमी को नेता बनाने से क्या फायदा
इस बीच कुछ लोगों ने बात मारपीट तक पहुंचने से बचा लिया तो गुस्साए गुरुजी बोले कि इस जैसे ढीले आदमी को नेता बनाने से क्या फायदा।
हमें ऐसा अध्यक्ष चाहिए जो प्रिंसिपल के सामने अकड़ कर अपनी बात मनवा सके। उन्हें दबा सके। यह सुनकर आसपास मौजूद लोग हंसे बिना न रह सके।