70 प्रतिशत से अधिक पद वर्तमान
अकादमिक प्रशासनिक संवर्ग संबंधी शासनादेश को निरस्त किया जाना चाहिए, शिक्षकों, प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाचार्यों को इन पदों पर प्रोन्नत किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि एलटी से प्रवक्ता पद पर 2269 पदों पर पदोन्नतियां न हो पाने से न केवल शिक्षकों का अहित हो रहा है, बल्कि छात्र-छात्राओं का भविष्य भी चौपट हो रहा है।
उत्तराखंड के राजकीय इंटर कॉलेजों में 1386 प्रधानाचार्यों के पद हैं, जो पदोन्नति के पद हैं। इसके अलावा 912 हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक के पद भी पदोन्नति के हैं। हाई स्कूल व इंटरमीडिएट दोनों ही स्तरों पर पदोन्नति के इन पदों में से 70 प्रतिशत से अधिक पद वर्तमान में रिक्त चल रहे हैं।
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चिंता शिविर में मक्खन लाल शाह, मनोज किशोर बहुगुणा, विनोद मल्ल, राजेश गैरोला, आलोक रौथाण, विनय थपलियाल, मक्खन लाल शाह, भुवनेश पंत, रमेश पंत, नरेश जमलोकी, ओम प्रकाश सेमवाल, हरीश बड़ोनी, रंजन भट्ट, राकेश गैरोला, दिवाकर पैन्यूली, सुजीत कंडारी आदि उपस्थित रहे।