Iउप जिला अस्पताल की ओर से तीन महीने पहले भेजा गया था प्रस्ताव
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Iईएनटी विभाग में केवल ओपीडी में देखे जा रहे मरीजI
उप जिला अस्पताल में कान, नाक और गले के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। मरीजों के ऑपरेशन के लिए एंडोस्कोप सिस्टम और ऑपरेटिंग सर्जरी माइक्रोस्कोप नहीं है। सर्जन को मरीजों को ऑपरेशन के लिए हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। मजबूरी में मरीजों को ऑपरेशन के लिए देहरादून के सरकारी और निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
जौनसार बावर क्षेत्र में करीब 2.5 लाख की आबादी है। यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मरीज विशेषज्ञ उपचार, ऑपरेशन व इमरजेंसी में उपचार के लिए उप जिला अस्पताल आते हैं। अस्पताल में बड़ी संख्या में नाक, कान और गले के मरीज भी पहुंचते हैं। यहां ईएनटी सर्जन डॉ. पल्लवी तैनात है। ईएनटी सर्जन ओपीडी में मरीजों को देख रही है। लेकिन मरीजों के ऑपरेशन नहीं कर पा रही है।
जब ऑपरेशन न होने के पीछे के कारण की जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि अस्पताल में एंडोस्कोप सिस्टम और ऑपरेटिंग सर्जरी माइक्रोस्कोप नहीं है। लेरिन्जेक्टोमी, मास्टॉयडेक्टॉमी, टिम्पेनोप्लास्टी, राइनोप्लास्टी, एसोफेजियल आदि ऑपरेशन में इन उपकरणों की जरूरत होती है।
हालांकि अस्पताल प्रशासन ने दोनों मशीनों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। लेकिन करीब तीन महीने बीतने के बाद अस्पताल को उपकरण नहीं मिल पाए हैं।
I12 से 80 लाख की मशीनI
बढिया गुणवत्ता के एंडोस्कोप सिस्टम और ऑपरेटिंग सर्जरी माइक्रोस्कोप की कीमत 70 से 80 लाख रुपये है। वहीं निम्न गुणवत्ता के उपकरण 12 से 15 लाख में मिल जाते हैं। उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण मिलेंगे या कमचलाऊ, यह आगे देखने वाली बात है।
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Iवर्जन
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Iशासन को उपकरणों की खरीद के लिए करीब तीन महीने पहले प्रस्ताव भेजा गया था। उपकरणों की खरीद निदेशालय स्तर पर होनी है। अभी उपकरणों की खरीद को लेकर कोई अपडेट नहीं मिली है। - डॉ. विजय सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला अस्पतालI