दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है। इन दिनों बाजारों में त्योहारों की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। ई-रिक्शा के अव्यवस्थित संचालन से मुख्य मार्ग पर जगह-जगह जाम लग रहा है। एसएसपी कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार ई-रिक्शा के लिए रूट भी तय किए गए हैं। लेकिन, संगठनों और नेताओं के दबाव के चलते पुलिस और परिवहन विभाग निर्धारित रूट पर ई-रिक्शा के संचालन की व्यवस्था बनाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर ई-रिक्शा के संचालन को प्रतिबंधित किया है। पुलिस अगस्त माह से समय-समय पर राजमार्ग पर संचालित होने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चला रही है। दोनों विभागों ने करीब 300 चालान और 100 ई-रिक्शा को सीज किया है, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। पुलिस और ई-रिक्शा चालकों के बीच कई बैठकें भी हुई हैं। पुलिस ने साफ कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर ई-रिक्शा संचालित नहीं किए जाएंगे, लेकिन राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के विरोध के चलते पुलिस बैकफुट पर आ गई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहले ही पार्किंग और अतिक्रमण बड़ी समस्या है, ऊपर से ई-रिक्शा का संचालन कोढ़ में खाज बन रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर 80 के करीब निजी बस और 60 मैजिक वाहन संचालित होते हैं। ऐसे में राजमार्ग पर सार्वजनिक वाहनों की कमी भी नहीं है। अब त्योहारी सीजन चल रहा है। लोग दिवाली को लेकर घरों के सामान, रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों को देने के लिए उपहार की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन, ई-रिक्शा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगने वाले जाम से लोगों को परेशानी हो रही है। आरटीआई कार्यकर्ता अरविंद शर्मा ने बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उनकी ओर से एसएसपी कार्यालय के रूट प्लान को लेकर जानकारी मांगी गई थी। बताया कि सूचना में प्रतिबंधित और स्वीकृत रूट का उल्लेख किया गया है, लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग व्यवस्था नहीं बना पा रहे हैं।पुलिस अधिकारियों ने ही तैयार की थी रिपोर्ट : एसएसपी ने ई-रिक्शा के रूट तय करने के लिए एसपी यातायात और सीओ विकासनगर के नेतृत्व में एक टीम गठित की थी। टीम ने यातायात के सर्वे के बाद रूट प्लान तैयार किया था, लेकिन रूट प्लान का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।