रिश्वत मामले में विजिलेंस टीम ने दूसरे आरोपी विपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान के कुलसचिव सीके सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
गुरुवार रातभर चली पूछताछ में विजिलेंस टीम को उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य मिले। संस्थान स्थित कुलसचिव के कार्यालय को भी सीज कर दिया गया है। बता दें कि मामले के दोषी जेई को एक दिन पूर्व ही रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर संस्थान के पानी सप्लायर से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप हैं। इधर, कल पकड़े गए जेई को आज विजिलेंस कोर्ट में पेश किया गया जहां कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
विजिलेंस एसपी हल्द्वानी डा. अमित श्रीवास्तव ने बताया कि विपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में द्वाराहाट निवासी केशवदत्त कांडपाल निजी टैंकरों से पानी सप्लाई करते हैं। संस्थान पर सप्लायर का 5.20 लाख रुपये का बकाया था। इसमें से 80 फीसदी धनराशि केशवदत्त को भुगतान हो चुकी थी। शेष धनराशि के भुगतान के एवज में संस्थान के कुलसचिव सीके सोनी 60 हजार मांग रहे थे।
इसमें 50 हजार रुपये सीके सोनी को और 10 हजार रुपये अवर अभियंता बृजेश कुमार सिंह को मिलने थे। केशव दत्त की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने नौ मार्च को छापा मारकर जेई को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था, जबकि कुलसचिव सोनी से रातभर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान सोनी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हाथ लगे।
पुलिस ने कुलसचिव को बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। अब 11 मार्च को सोनी को विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा। विजिलेंस टीम में इंस्पेक्टर केवलानंद, ट्रैप इंचार्ज अरविंद डंगवाल, कांस्टेबल नगेंद्र शाह, राजेंद्र गोस्वामी, जगदीश इसरार और द्वाराहाट के थानाध्यक्ष अजय शाह भी थे।