यमुना और आसन नदी में भारी मात्रा में पीपीएम (गाद) आने के कारण डाकपत्थर बैराज से सोमवार को 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शक्तिनहर को बंद करना पड़ा। ढालीपुर (51 मेगावाट) और ढकरानी (33.75 मेगावाट) जल विद्युत परियोजना में साढ़े चार घंटे उत्पादन बंद रहा। जकुल्हाल (30 मेगावाट) जल विद्युत परियोजना में साढ़े नौ घंटे तक उत्पादन ठप रहा। शाम को सभी जल विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन फिर से शुरू हो गया।
जानकारी के अनुसार, यमुना और आसन नदी में पीपीएम की मात्रा तीन हजार क्यूसेक से अधिक पहुंच गई थी। उसके बाद सोमवार सुबह डाकपत्थर और आसन बैराज से पानी छोड़ा गया। उसके बाद सुबह 6:55 पर ढालीपुर और ढकरानी जल विद्युत परियोजना में उत्पादन ठप हो गया।कुल्हाल जल विद्युत परियोजना में उत्पादन रुक गया।
नदी में पीपीएम की मात्रा कम होने पर शक्तिनहर में पानी छोड़ा गया। उसके बाद दोपहर करीब 11:30 बजे दोनों जल विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन शुरू हो गया। हालांकि, आसन नदी में दोपहर बाद पीपीएम की मात्रा कम हुई। करीब 4:00 बजे कुल्हाल जल विद्युत परियोजनाओं में भी उत्पादन शुरू हो गया।
यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि यमुना और आसन नदी में पीपीएम की मात्रा बढ़ने पर तीन परियोजनाओं में उत्पादन बाधित हुआ था। बरसात के दौरान ऐसा होना सामान्य है। बताया कि पीपीएम की मात्रा कम होने पर तीनों परियोजनाओं सुचारु रूप से उत्पादन हो रहा है।