मौसम में बदलाव होने से ठंड बढ़ने लगी है। सुबह और रात के समय पारा गिरने लगा है। इससे वायरल फीवर के मरीजों की संख्या भी कम होने लगी है। अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, वायरल, टायफॉइड, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीजों का दबाव कम हो गया है। डॉक्टरों के मुताबिक तापमान कम होने से सभी तरह के वायरस का फैलाव कम हो जाता है।
दून अस्पताल की ओपीडी में पिछले सप्ताह तक रोजाना बुखार के एक हजार तक मरीज आ रहे थे। अब ऐसे मरीजों की तादाद कम हो गई है। अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि जांच में बुखार के मामले 30 फीसदी तक कम हुई है। बुखार, टायफाइड, मलेरिया और चिकनगुनिया गर्मियों में फैलने वाली बीमारियां हैं। इस समय डेंगू मच्छर भी कम हो गया है। डेंगू के मामले में भी कमी आ रही है। अस्पताल में पहले रोजाना टायफाॅइड के पांच से छह केस आ रहे थे, लेकिन अब एक या दो मरीज ही आ रहे हैं। दून अस्पताल के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि इन दिनों डेंगू मरीजों की संख्या कम होने से बेड खाली हो गए हैं।