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हरिद्वार: देर रात शराब पीकर हुआ विवाद, दिव्यांग सब्जी विक्रेता की चाकू से गोदकर हत्या

Mon, 09 Sep 2019 08:42 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज के ठीक सामने एक दिव्यांग सब्जी विक्रेता की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने के एक आरोपी को दबोचा है, जबकि दूसरा आरोपी अभी फरार है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि रुपये नहीं देने पर सब्जी विक्रेता की हत्या की गई है।

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कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि दिव्यांग नंद किशोर का यहां कोई परिचित नहीं रहता है, इसलिए अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। उसके परिजनों को घटना की सूचना दे गई है। 

मूल रूप से यूपी के गांव बिसलपुर जिला पीलीभीत का रहने वाला दिव्यांग नंद किशोर उर्फ नंदू (35) पुत्र नंदलाल पिछले आठ साल से यहां रहकर सब्जी बेच रहा था। ऋषिकुल क्षेत्र में वह एक भवन के बाहर सब्जी की दुकान चला रहा था और रात को भी वहीं रहता था।
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रविवार की सुबह करीब छह बजे राहगीरों ने सब्जी विक्रेता का खून से लथपथ शव देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी मौके पर पहुंचे। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि चाकू से सब्जी विक्रेता के सिर, हाथ और चेहरे पर कई वार किए गए थे।

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घटनास्थल पर ही पुलिस को हत्याकांड में प्रयुक्त चाकू भी बरामद हुआ। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि नशेड़ी प्रवृति के लोगों का सब्जी विक्रेता के पास आना जाना था। शनिवार को उसका कुछ युवकों से विवाद भी हुआ था।

वह उससे पैसे की मांग कर रहे थे। जानकारी के अनुसार पुलिस ने एक आरोपी को दबोचा है जबकि उसका दूसरा साथी फरार है। हालांकि अभी पुलिस पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने से बच रही है। 

पहले भी हुआ था विवाद 
सब्जी विक्रेता नंदू का कामकाज ठीक ठाक चल रहा था। उसका एक ई रिक्शा भी खरीदा था और किराये पर दिया हुआ है। नंदू की शादी नहीं हुई थी।  छह माह पूर्व भी नंदू का कुछ युवकों से विवाद हुआ था। तब उसने मायापुर पुलिस चौकी में शिकायत की थी। 

आसपास नशेड़ियों का जमावड़ा
पूरे ऋषिकुल क्षेत्र में नशेड़ियों का कब्जा है। केवल नंदू की ही नहीं बल्कि कई फल सब्जी की दुकानों पर इस तरह के नशेड़ी मंडराते हं। चाय और ढाबे भी दिन छिपते ही मयखाने में बदल जाते हैं। पान के खोखों में भी असामाजिक तत्व जमा होने लगते है। 
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