शादी समारोह से घर लौटने के बाद नशे में धुत व्यक्ति ने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर शुरू कर दिए। उसके साले ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन एक गोली साले के पेट में आ लगी। घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। आरोपी जीजा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने शादी समारोह में भी फायर किए थे।
मूल रूप से रिछौला गजरौला जिला पीलीभीत निवासी हरपाल सिंह (37) पुत्र तरसेम सिंह का बिज्टी बाईपास पर बिजली कॉलोनी के सामने हाईवे किनारे अमृतसरिया ढाबा है। वह बिजली कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। सोमवार रात करीब 11 बजे हरपाल अपने जीजा मलपुरी गांव निवासी मेजर सिंह के साथ पीलीभीत मार्ग पर एक शादी समारोह से लौटा था।
कुछ देर बाद उसके जीजा मेजर सिंह ने नशे में अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गेट पर फायरिंग की। इस पर हरपाल और उसकी पत्नी घर से बाहर निकल आए और मेजर सिंह से ऐसा न करने को कहा। मेजर सिंह नहीं माना और बाहर खड़ी कार में रिवाल्वर लोड कर सड़क पर आ गया। हरपाल ने उसे फायर झोंकने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान अचानक गोली चल गई जो हरपाल के पेट में जा धंसी।
पुलिस को सूचना दिए बगैर अंत्येष्टि करने की थी तैयारी
मेजर सिंह तत्काल ही उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां से डॉक्टर ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया। लेकिन, परिजन हरपाल को रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। यहां से भी रेफर करने पर उसे पीलीभीत के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीओ हिमांशु शाह और कोतवाल संजय कुमार ने घटनास्थल का दौरा कर पत्नी समेत अन्य परिजनों के बयान लिए। सीओ ने बताया कि अभी तक हर्ष फायरिंग में मौत होना सामने आया है। आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना मंगलवार शाम को हरपाल की अंत्येष्टि की तैयारी चल रही थी, तभी मृतक की पत्नी सरनजीत कौर ने पुलिस को तहरीर देकर घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा। इधर, सीओ हिमांशु शाह और कोतवाल संजय कुमार ने कहा है कि जांच के बाद आरोपी मेजर सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, हरपाल की मौत से उसकी पत्नी, बेटे और बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है।
अस्पताल प्रबंधन का जवाब तलब करेंगे : सीओ
सितारगंज। फायरिंग के बाद गंभीर रूप से घायल हरपाल सिंह को सोमवार रात में ही सीएचसी में ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे रेफर तो कर दिया, लेकिन पुलिस को उसका मेमो नहीं भेजा। इससे पुलिस तक घटना की जानकारी नहीं पहुंची। मंगलवार शाम को मृतक की पत्नी के तहरीर देने पर मामला संज्ञान में आने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। सीओ ने बताया कि मेमो न देने पर अस्पताल प्रबंधन का जवाब तलब करेंगे।