शहर में मुख्य हाईवे पर सार्वजनिक वाहनों के लिए स्टॉपेज निर्धारित नहीं हैं। जिस कारण बस से लेकर विक्रम, मैक्स, यूटिलिटी जहां तहां सवारी उतारते और बैठाते हैं। अक्सर शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जाम के समय वाहन रेंगते नजर आते हैं। 11 से दो बजे तक हालात सबसे बुरे रहते हैं।
शहर में ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था नहीं है। पुलिस फोर्स की भी कमी है। जिस पर यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। स्टॉपेज निर्धारित न होने के कारण इसका फायदा सार्वजनिक वाहन उठा रहे हैं। सवारी उतारने और बैठाने के लिए जगह- जगह वाहनों को सड़क पर रोक दिया जाता है। जिस कारण पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
डाकपत्थर तिराहा, अस्पताल रोड, सिनेमा गली, अमर स्वीट शॉप के निकट, पहाड़ी गली आदि जगहों पर वाहनों को रोक कर सवारी बैठाई और उतारी जाती है। इन स्थानों पर शहर के मुहल्लों के संपर्क मार्ग हाईवे से जुड़ते हैं। जिससे इन वाहनों के कारण जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता का कहना है कि यातायात व्यवस्था बनाने में सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने शासन प्रशासन से सार्वजनिक वाहनों के स्टॉपेज निर्धारित करने की मांग की है, ताकि वाहन निर्धारित स्थान पर ही सवारी उतारे और बैठाएं।
गलत जगह पर वाहन रोक कर सवारी बैठाने और उतारने वाले वाहनों के खिलाफ पुलिस चालान की कार्रवाई करती है। स्टॉपेज निर्धारित करने को लेकर तहसील और परिवहन विभाग से वार्ता की जाएगी। - भाष्कर शाह, सीओ