हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र गढ़ी कैंट में चल रहे निनाद उत्सव के अंतिम दिन बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी ने कथक के जरिये शिव महिमा का प्रदर्शन किया। हेमा मालिनी ने 25 कलाकारों के साथ नृत्य किया। उनकी प्रस्तुति देख दर्शक खुद को रोक नहीं पाए और पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने सती दहन, पार्वती जन्म, वीरभद्र, शिव बारात, शिव विवाह प्रसंग का मंचन किया।
इसके बाद उन्होंने अपने विश्व प्रसिद्ध नृत्य नाटिका दुर्गा के मंचन से वहां मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस नृत्य नाटिका में ऑडियो विजुअल सिस्टम का जबरदस्त इस्तेमाल हुआ। स्टेज में बैकड्राॅप प्रसंग के अनुसार सीन चल रहे थे। इनमें कैलाश पर्वत, दक्ष प्रजापति का भव्य राजमहल और उसके द्वार पर शिव की मूर्ति खास रही।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत 13 जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों के लिए नवीन विभागीय वाहनों काे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम का उद्घाटन अभिनेता सुधीर पांडे, संस्कृति सचिव हरिचंद सेमवाल, संस्कृति निदेशक बीना भट्ट ने दीप जलाकर किया। वहीं, कार्यक्रम में अल्मोड़ा से आई लोक गायिका कमला देवी व उनके साथियों ने मंगल गायन किया। इसके बाद सांस्कृतिक कला मंच समिति ग्राम नारंगी, चमोली के कलाकारों ने ढोल-दमाऊ और मशकबीन वादन से कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया। सवाल घाटी छोलिया दल, अल्मोड़ा ने नृत्य की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
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- फिल्म का हुआ प्रदर्शन
सिने जगत से जुड़े उत्तराखंड मूल के ख्याति प्राप्त कलाकारों की ओर से पंकज रायकुनी की क्लिप और अभय डालाकोटी के द्वारा निर्देशित बाल शोषण पर आधारित संजय खंडूरी की फिल्म को प्रदर्शित किया गया। निनाद उत्सव में संयोजन में सहयोग के लिए गणेश धामी, पुस्तक प्रदर्शनी के लिए रानू बिष्ट, ऐपण के लिए दीपा शर्मा, संग्रहालय में कलाकृतियों के संयोजन के लिए अक्षत जोशी को सचिव संस्कृति हरिचंद सेमवाल और निदेशक संस्कृति बीना भट्ट ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में गीता धामी, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य आदि मौजूद रहे।