उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज देहरादून में ‘अत्यधिक शहरीकरण और औद्योगीकरण ग्रामों के वृद्धाश्रम में परिवर्तित होने के लिए उत्तरदायी हैं‘ विषय पर राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के पांवचें संस्करण का आयोजन किया गया। इसमें हिंदी भाषा में दून विश्वविद्यालय और अंग्रेजी भाषा में डीआईटी विवि को सर्वश्रेष्ठ टीम का खिताब दिया गया। हिंदी में प्रीति रावत और अंग्रेजी में अक्षित वरधान को सर्वश्रेष्ठ वक्ता के पुरस्कार से नवाजा गया।
शुक्रवार को आयोजित प्रतियोगिता में पंजाब व हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल अशोक अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। विषय के पक्ष में बोलने वाले वक्ताओं ने कहा, भारत गांवों का देश है। महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज की जो अवधारणा दी थी, उसे बढ़ते शहरीकरण और औद्योगीकरण ने नुकसान पहुंचाया है। जबकि विषय के विपक्ष में बोलने वाले वक्ताओं ने कहा, शहरीकरण और औद्योगीकरण भारत की आर्थिक तरक्की के वाहक हैं। कॉलेज के डीन प्रो. राजेश बहुगुणा ने बताया, प्रतियोगिता के लिए देश के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों की 130 टीमों ने पंजीकरण किया था। ऑनलाइन आयोजित शुरूआती राउंड में सफलता प्राप्त करने के बाद 25 टीम ने दून में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर विवि के उपाध्यक्ष डाॅ. सतबीर सहगल, डीएवी इंटर कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. एके श्रीवास्तव, डॉ. जीएस चौहान आदि मौजूद रहे।