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आरटीओ की फर्जी वेबसाइट बनाकर वाहन कर वसूलने वाले गैंग का भंडाफोड़, ऐसे लगाते थे लोगों को चूना

Fri, 24 May 2019 08:50 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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फर्जी वाहन कर वसूलने वाले गैंग का खुलासा करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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आरटीओ से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर फर्जी तरीके से वाहन कर वसूलने वाले गैंग का देहरादून पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुजफ्फरनगर बाईपास पर छापा मारकर तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। आरोपी उत्तराखंड आने वाले वाहनों से फर्जी तरीके से वाहन कर वसूल रहे थे। पकड़े गए आरोपी हाईस्कूल और इंटर फेल बताए गए हैं। 

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देहरादून में एआरटीओ अरविंद पांडेय ने चेकिंग के दौरान कुछ वाहन चालकों से कर की फर्जी रसीद पकड़ी थी। इस पर वाहन चालकों से जुर्माना वसूला गया था। छह गुना कर भुगतान करने के बाद वाहन स्वामी तुषार मुलचन्दानी ने राजपुर थाने में जालसाजी की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया था।

एआरटीओ अरविंद पांडेय ने मामले की जांच की तो पता चला कि आरटीओ से मिलती जुलती वेबसाइट बनाकर फर्जी तरीके से वाहन कर वसूला जा रहा है। एआरटीओ ने पुलिस अधिकारियाें से मिलकर पूरे मामले पर चर्चा की। जांच के बाद एआरटीओ ने बृहस्पतिवार को डालनवाला कोतवाली में साइबर कैफे संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। 
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर हरियाणा के पलवल में छापा मारकर मुख्य आरोपी पवन कुमार निवासी पलवल हरियाणा को दबोचा गया। पूछताछ के आधार पर पवन ने बताया कि आरटीओ के नाम से मिलती जुलती वेबसाइट टिंकू निवासी पलवल से बनवाई थी। बताया गया कि मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर शाहवेज निवासी सरवट को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया गया है।

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तीस हजार में बनवाई थी वेबसाइट

शाहवेज ही रकम लेकर फर्जी कर प्रमाणपत्र बनाता है। पुलिस ने शिवा आरटीओ टैक्स के नाम से दुकान चलाने वाले शाहवेज को प्रमाणपत्र बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया। उसके पास वाहन कर अदायगी का फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने में प्रयुक्त कंप्यूटर, मॉनिटर और तीन मोबाइल बरामद हुए हैं।

इसके बाद इस फर्जीवाड़े में शामिल तीसरे आरोपी राहुल निवासी होडल थाना राजपुर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि, फर्जी वेबसाइट बनाने वाला टिंकू फरार है। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे, एआरटीओ अरविंद पांडेय और सीओ डालनवाला जया बलूनी इस दौरान मौजूद रहीं। 

पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि आरोपी पवन ने 30 हजार रुपये देकर टिंक से यह वेबसाइट बनवाई थी। शाहवेज को तीस प्रतिशत कमीशन पर यूजरआईडी और पासवर्ड दिया गया था। राहुल ने भी टिंकू  से तीस प्रतिशत कमीशन पर यूजर आईडी और पासवर्ड लेने की बात स्वीकार की है। शाहवेज और राहुल उत्तराखंड आने वाले वाहनों से टैक्स वसूलकर उन्हें फर्जी रसीद उपलब्ध करा देते थे। यह हूबहू असली रसीद की तरह ही दिखती है। 

एसी वाहनों पर ज्यादा कर 
वाहन कर प्रति सीट वसूल होता है। एसी वाहन पर प्रति सीट 40 और बिना एसी के वाहन पर तीस रुपये प्रति सीट कर वसूला जाता है। प्राइवेट बस पर प्रति सीट 30 रुपये कर का प्रावधान है। एआरटीओ पांडेय ने बताया कि आरोपी यह टैक्स अपनी जेब में रखकर शासन को राजस्व का चूना लगाया जा रहा था। चेकिंग में ऐसे कई वाहन पकड़े गए, जिनके पास से टैक्स की फर्जी रसीद प्राप्त हुई है। टैक्स चोरी पर छह गुना कर भुगतान का प्रावधान है। उन्हाेंने बताया कि उत्तराखंड में रोजाना करीब 500 बाहरी वाहन आते हैं। यात्रा सीजन में यह संख्या बढ़ जाती है।
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