जिले में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं। ओपीडी में भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की स्थिति जानने के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने दून अस्पताल औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डेंगू मरीजाें के लिए बेड बढ़ाने के साथ ही प्लेटलेट्स की पूर्ति करने के निर्देश दिए। डॉ. कुमार ने डेंगू मरीजों से इलाज, जांच के नाम पर मनमानी फीस वसूलने वालों पर कार्रवाई करने की बात भी कही।
दून अस्पताल की ओर से स्वास्थ्य सचिव को बताया गया कि अगर एक ही दिन में डेंगू के अधिक मरीज आ जाते हैं और स्थिति बिगड़ती है तो अस्पताल को डेंगू के लिए डेडिकेटेड कर दिया जाएगा। ऐसे में यहां पर अन्य मरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा। फिलहाल अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए 100 बेड रिजर्व हैं। 15 बेड और बढ़ाए जा सकते हैं।
निरीक्षण में डॉ. आर राजेश कुमार ने सबसे पहले दून अस्पताल के ब्लड बैंक की व्यवस्थाएं देखीं। उन्हें पता चला कि रैंडम डोनर प्लेटलेट्स के लिए भी डोनर लेकर आना पड़ रहा है। प्लेटलेट्स नहीं मिल पा रही हैं। इस पर उन्होंने कहा 24 घंटे रैंडम डोनर प्लेटलेट्स (आरडीपी) और सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) की प्रक्रिया होनी चाहिए। एसडीपी के लिए दूसरी मशीन लगाई जाए। प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा, अगले 10 दिन में एसडीपी यानी जंबो पैक बनाने वाली दूसरी एप्रेसेस मशीन इंस्टॉल हो जाएगी।
स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू वार्ड और बाल रोग वार्ड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि डेंगू वार्ड में 70 बेड और बाल रोग विभाग में 30 बेड डेंगू के लिए आरक्षित हैं। जरूरत पड़ने पर अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्वास्थ्य सचिव ने कहा डेंगू मरीजों से इलाज के नाम पर मनमानी फीस, प्लेटलेट्स व जैंबो पैक की अधिक वसूलने वाले अस्पतालों, ब्लड बैंको और पैथोलॉजी लैबों की शिकायत सामने आने पर कार्रवाई की जायेगी। कालाबाजारी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। सीएमओ के स्तर से रेट का निर्धारण किया गया है।
खाद्य पदार्थों की जांच के लिए बनेगी लैब
स्वास्थ्य सचिव ने कहा मिलावटखोरी की जांच के लिए 10 मोबाइल वैन और आएंगी। इसके साथ ही रूद्रपुर के बाद देहरादून में भी खाद्य सैंपल की जांच के लिए लैब की स्थापना की जाएगी। इस मौके पर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह और सीएमओ डॉ. संजय जैन, अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. धनंजय डोभाल मौजूद, दून अस्पताल के डेंगू नोडल डॉ. अंकुर पांडे रहे।
जारी किए ये निर्देश
डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम व नियंत्रण के लिए सभी विभाग सक्रिय हों।
नगर निगम आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग लेकर काम करे। नगर निगम, नगर निकाय की ओर से माइक्रो प्लान बनाकर रोस्टर अनुसार फॉगिंग की जाए।
जिन जगहों पर नोटिस जारी होने के बाद पानी जमा हो रहा है वहां पर जुर्माना लगाया जाए। स्कूलों, शिक्षण संस्थानों में भी पानी जमा न हो।
अस्पतालों में मच्छरदानी समेत आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएं।
डेंगू मरीजों के लिए प्लेटलेट्स, दवाएं और एलाइजा जांच की कमी न हो।
किसी भी घर में डेंगू मरीज मिलता है तो घर के आस-पास लगभग 50 घरों व 500 मीटर की परिधि में लार्वा निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
इमरजेंसी में जनपद स्तर पर जिला कार्ययोजना में डेंगू के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाए।