उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सड़कों और नदियों के किनारे से अतिक्रमण हटाने के आदेश देकर चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। इस आदेश पर जिले में काम शुरू हो गया है। डीएम सोनिका ने एसडीएम स्तर पर कमेटी गठित कर सभी संबंधित विभागों खासकर लोक निर्माण विभाग और नगर निगम को सड़कों के किनारे अतिक्रमण चिह्नित कर उसे हटवाने के निर्देश जारी किए हैं।
एसडीएम स्तर पर सड़कों के किनारे से अतिक्रमण चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं देहरादून क्षेत्र की नदियों के किनारे के अतिक्रमण को भी चिन्हित करने की तैयारी की जा रही है। लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रथम चरण में सड़कों के किनारे अतिक्रमण चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके बाद सभी अतिक्रमणों को सख्ती से के साथ हटवाया जाएगा।
यहां है सबसे अधिक अतिक्रमण
देहरादून में सर्वाधिक अतिक्रमण सहारनपुर रोड, चकराता रोड पर प्रेमनगर, हरिद्वार रोड और राजपुर रोड पर है। यहां सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर ढ़ाबे, दुकानें और ठेली लगाए गए हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर स्थायी अतिक्रमण भी किया है। देहरादून शहर में सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर फुटपाथों पर अवैध कब्जे किए गए हैं। पिछले दो महीनों में जिला प्रशासन ने नगर निगम, लोनिवि, परिवहन विभाग के साथ मिलकर अभियान चलाया था और सैकड़ों स्थानों पर अतिक्रमण हटाकर लाखों का जुर्माना वसूला था। प्रशासन के अभियान चलाने से अतिक्रमण हट जाता है, लेकिन अभियान के कुछ दिनों बाद फिर से वहां पर अतिक्रमण हो जाता है। इससे समस्या जस की तस बनी रहती है।
हाईकोर्ट के आदेश पर अमल के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, सभी विभागों को अतिक्रमण की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है, रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमण हटवाया जाएगा। -सोनिका, डीएम, देहरादून