छोटे हाकिम आजकल परेशान हैं। जमीन संबंधी विवाद के चक्कर में उनके पास नेताओं के सिफारिशी फोन आ रहे हैं।
एक मामले में प्रदेश के मुखिया ने फोन किया तो वह सक्रिय हो गए। तभी दूसरी तरफ से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का फोन आ गया।
सबने अपनी तरह से छोटे हाकिम से काम करने के लिए कहा। वह जब पक गए तो कीमती मोबाइल फोन पानी भरी बाल्टी में डाल दिया। एक घंटे बाद निकाला। गुस्से से बोले-जाओ..।
कम्पटीशन पास कर अफसर बने हैं, ये...नेता..समझते हैं।