देहरादून। केयर संस्था ने लोगों को औषधीय गुणों से भरपूर सहजन और गिलोय के पौधे बांटे। उप प्रभागीय वन अधिकारी मनमोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि भारत ही नहीं कई अन्य देशों में भी सहजन का बहुत अधिक उपयोग किया जाता है। इस पौधे के अलग-अलग भागों में कई रोगों की रोकथाम के गुण विद्यमान होते हैं। इसमें मल्टीविटामिन, एंटी ऑक्सीडेंट, दर्द निवारक और एमिनो एसिड जैसे तत्व होते हैं। चारे के रूप में इसके पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में डेढ़ गुना तक की बढ़ोतरी हो सकती है। जानकार मानते हैं कि इसकी पत्तियों के रस को पानी के घोल में मिलाकर फसल पर छिड़कने से उपज में भी बढ़ोतरी होती है। प्रोटीन युक्त सहजन में विटामिन ए, सी, बी कंपलेक्स के साथ ही कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होता है। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रवक्ता कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने बताया कि स्कूली बच्चों को भी इनके संबंध में जागरूक किया जा रहा है।